पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने सोमवार को मण्डलायुक्त लखनऊ के सभागार में समीक्षा बैठक
लखनऊ मण्डल के जनपदों की पर्यटन परियोजनाओं, चालू कार्यों व वित्तीय वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना की समीक्षा
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने सोमवार को मण्डलायुक्त लखनऊ के सभागार में समीक्षा बैठक कर लखनऊ मण्डल के अंतर्गत आने वाले जनपदों की पर्यटन परियोजनाओं, चालू कार्यों और वित्तीय वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना की गहन समीक्षा की। पर्यटन मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि ₹1.50 करोड़ तक की सभी विकास परियोजनाओं को आगामी नवंबर तक अनिवार्य रूप से पूरा किया जाए। उन्होंने हिदायत दी कि किसी भी परियोजना का शुभारंभ (भूमि पूजन) क्षेत्रीय सांसद, विधायक एवं विधान परिषद सदस्यों की उपस्थिति में ही कराया जाए, और इस व्यवस्था का उल्लंघन करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
अक्टूबर-नवंबर तक पूरी होंगी प्रमुख परियोजनाएं पर्यटन मंत्री ने लखनऊ के ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों को वैश्विक मानचित्र पर स्थापित करने के लिए बिन्दुवार समीक्षा करते हुए नौसेना शौर्य संग्रहालय के द्वितीय चरण, सई नदी तट पर घाट निर्माण और महाराज बिजली पासी किले की फसाड वाल के निर्माण कार्य को अक्टूबर तक पूरा करने के निर्देश दिए। वहीं, कुकरैल रिजर्व फॉरेस्ट के पर्यटन विकास और रवींद्रालय के पर्यटन विकास कार्य को भी क्रमशः नवंबर और अक्टूबर तक पूरा करने की हिदायत दी। इसके अलावा, लखनऊ की अनारंभ 16 परियोजनाओं की समीक्षा कर कार्य को शीघ्र आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए।
नैमिषारण्य और गोला गोकर्णनाथ कॉरिडोर पर विशेष जोर जनपद सीतापुर में विश्वस्तरीय धरोहर नैमिषारण्य और मिश्रिख के सभी पर्यटन विकास कार्यों को नवंबर तक पूरा करने को कहा गया है। नैमिषारण्य स्थित पिलग्रिम इंटरप्रिटेशन सेंटर के नवीनीकरण तथा ₹154.56 करोड़ की लागत से सिधौली (गोदलामऊ) में निर्माणाधीन प्राचीन महादेव मंदिर के विकास में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। जनपद लखीमपुर खीरी स्थित प्रसिद्ध गोला गोकर्णनाथ शिव मंदिर के लिए ₹2248.73 लाख की लागत से बनने वाले कॉरिडोर और सुविधाओं के निर्माण को सितंबर तक पूरा करने की समय-सीमा तय की गई है।
रायबरेली, उन्नाव और हरदोई की परियोजनाओं में तेजी जयवीर सिंह ने रायबरेली के मुंशीगंज शहीद स्मारक स्थल का पर्यटन विकास कार्य 15 अगस्त तक पूरा करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने रायबरेली, उन्नाव और हरदोई जनपदों की विभिन्न विधानसभाओं की स्वीकृति परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर जोर दिया। उन्होंने रामलीला मैदानों के जीर्णोद्धार, सौन्दर्यीकरण और पुरातत्व स्थलों के संरक्षण कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने के निर्देश दिए।
2026-27 की कार्ययोजना का धरातल पर क्रियान्वयन मण्डल की वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना हेतु प्राप्त विधानसभावार प्रस्तावों की समीक्षा करते हुए मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भूमि संबंधी अभिलेखों की पड़ताल कर आगामी नवंबर तक कार्यों को धरातल पर उतारना सुनिश्चित करें। बैठक में रक्षा मंत्री के विशेष कार्याधिकारी दिवाकर त्रिपाठी, मण्डलायुक्त विजय विश्वास पंत, महानिदेशक पर्यटन वेदपति मिश्रा, विशेष सचिव दीपा रंजन व मृदुल चौधरी तथा पुरातत्व निदेशक रेनू द्विवेदी सहित मण्डल के अनेक विधायक व प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।

