भातखण्डे संस्कृति विश्वविद्यालय के ‘गुरु सम्मान समारोह-2026’ में संगीतप्रेमियों का जमावड़ा
सुरसाधक किशोर चतुर्वेदी के भजनों और समूह कथक नृत्य की प्रस्तुति ने मोहा मन
लखनऊ। भातखण्डे संस्कृति विश्वविद्यालय और भातखण्डे एलुमनी एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित “पद्म भूषण डॉ. एस.एन. रतनजंकर स्मृति गुरु सम्मान समारोह–2026” शुक्रवार को कैसरबाग स्थित कलामंडपम् प्रेक्षागृह में अत्यंत भव्य और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ।
समारोह का मुख्य आकर्षण सुप्रसिद्ध सुरसाधक किशोर चतुर्वेदी की भावपूर्ण प्रस्तुति ‘भजन प्रवाह’ रही। उन्होंने अपनी सुमधुर गायकी से “हे री सखी मंगल गौरी”, “राम नाम सुखदाई”, और “अच्युतम् केशवम् कृष्ण दामोदरम्” जैसे भजनों के साथ-साथ सावन के उपलक्ष्य में मनमोहक ‘मेघ मल्हार’ प्रस्तुत किया। उनकी इस प्रस्तुति ने संपूर्ण सभागार को भक्तिरस से सराबोर कर दिया और श्रोताओं की करतल ध्वनि से काफी देर तक प्रेक्षागृह गूंजता रहा।
भजन संध्या के उपरांत विदुषी रेनु शर्मा के निर्देशन में “पुष्प वाटिका प्रसंग” पर आधारित समूह कथक नृत्य प्रस्तुत किया गया। नर्तकों की उत्कृष्ट भावाभिव्यक्ति, सटीक लयबद्धता और नयनाभिराम मंच-सज्जा ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
22 गुरुजनों का हुआ गरिमामय अभिनंदन
संगीत एवं कला क्षेत्र में अतुलनीय योगदान देने के लिए संस्था द्वारा 22 वरिष्ठ गुरुजनों को सम्मानित कर उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त की गई। सम्मानित होने वाली प्रमुख हस्तियों में शामिल रहे। इनमें गायन एवं वादन विधा के कृष्ण कुमार मिश्र (सारंगी), शीतलप्रसाद मिश्र (तबला), रामेश्वर प्रसाद मिश्र (गायन), धर्मनाथ मिश्र (प्रवक्ता गायन), शास्त्रीय गायक डॉ. प्रो कमलेश दुबे, राम चन्द्र भट्ट, होली राम, रवि नाथ मिश्र, पंकज कुमार चौधरी, रवि राज शंकर, सुरेश प्रसाद मिश्र, प्रमोद कुमार मिश्र और अरुण कुमार भट्ट। विद्वतजन एवं शिक्षाविद डॉ. बीना सिंह, डॉ. मीरा दीक्षित, डॉ. सीमा भारद्वाज, डॉ. रंजना द्विवेदी शामिल रहे।

समारोह की अध्यक्षता करते हुए विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. मांडवी सिंह ने आयोजन की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन भारतीय शास्त्रीय संगीत, नृत्य और गुरु-शिष्य परंपरा को भावी पीढ़ी तक पहुँचाने में बेहद अहम भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश विधान परिषद के प्रमुख सचिव डॉ. राजेश सिंह तथा विशिष्ट अतिथि राजेश जायसवाल सहित कला एवं संगीत जगत के कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। मंच का सफल संचालन पूनम श्रीवास्तव ने किया, जबकि भातखण्डे एलुमनी एसोसिएशन की अध्यक्षा डॉ. सीमा भारद्वाज एवं सचिव गिरीश चन्द्र बहुगुणा ने सभी अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित किया।

