एक महीने तक सोशल मीडिया पर की ‘दोस्ती की चैटिंग’
नितिन की कनपटी और सीने पर गोली के 4-5 निशान मिले हैं
बागपत/लोनी। उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के डौला गांव में एक युवती को लिफ्ट देने के मामूली विवाद ने ऐसा खूनी रूप अख्तियार किया, जिसकी साजिश जानकर पुलिस भी हैरान है। अपनी जान के डर से दो महीने से घर में छिपे 12वीं के छात्र और अग्निवीर की तैयारी कर रहे नितिन राणा (18/20 वर्ष) को विरोधियों ने इंस्टाग्राम पर फर्जी दोस्ती के जाल में फंसाया। इसके बाद भरोसे में लेकर बुधवार को पार्टी के बहाने लोनी (गाजियाबाद) बुलाया, जहां उसकी गोली मारकर बेरहमी से हत्या कर दी गई। नितिन की कनपटी और सीने पर गोली के 4-5 निशान मिले हैं।
परिजनों के मुताबिक, नितिन घर में कीपैड वाला साधारण फोन इस्तेमाल करता था, लेकिन उसने घर के एक स्मार्टफोन पर इंस्टाग्राम आईडी बना रखी थी। हत्यारों ने उसे जाल में फंसाने के लिए ‘भाटी 880’ और ‘रॉकी गुर्जर’ नाम की इंस्टाग्राम आईडी का इस्तेमाल किया। आरोपियों ने करीब एक महीने तक नितिन से लगातार चैटिंग की, उसका भरोसा जीता और फिर बुधवार को उसे गांव से बाहर बुलाने में कामयाब हो गए।
६ करोड़ की संपत्ति बेचकर गांव छोड़ चुके थे आरोपी
इस हत्याकांड के पीछे एक बेहद हैरान करने वाला पहलू भी सामने आया है। दरअसल, दो महीने पहले नितिन ने बसौद गांव की एक युवती (जो अपने प्रेमी के साथ गई थी) को मानवीयता के नाते अग्रवाल मंडी टटीरी तक लिफ्ट दी थी। इसी बात से नाराज होकर युवती के परिजनों ने नितिन को जान से मारने की धमकी दी थी।
साजिश को अंजाम देने के लिए युवती के परिजनों ने डौला नहर पटरी पर स्थित अपना बड़ा फार्महाउस और कृषि भूमि करीब 6 करोड़ रुपये में बेच दी और डेढ़ महीने पहले ही गांव छोड़कर चले गए, ताकि किसी को उन पर शक न हो।
पुलिस से शिकायत न करना पड़ा भारी
नितिन के भाई चांद ने रोते हुए बताया, “भाई को लगातार धमकियां मिल रही थीं, जिसके कारण वह डरकर घर में ही कैद रहता था। हमने खुद ही सतर्क रहने का फैसला किया और पुलिस से इसकी शिकायत नहीं की। अगर समय रहते पुलिस को सूचना दे दी होती, तो आज मेरे भाई की जान बच जाती।”
एनकाउंटर की मांग को लेकर धरने पर बैठे परिजन
हत्याकांड की जानकारी मिलने के बाद डौला गांव के ग्रामीणों और परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। परिजनों ने गाजियाबाद से नितिन का शव लेने से साफ इनकार कर दिया और आरोपियों के एनकाउंटर की मांग को लेकर घर के बाहर धरने पर बैठ गए। बाद में बागपत और गाजियाबाद पुलिस के आला अधिकारियों द्वारा दो दिन के भीतर मामले का पर्दाफाश करने के आश्वासन और ग्रामीणों के समझाने पर परिजन बृहस्पतिवार शाम शव लेने के लिए तैयार हुए।
एसपी, बागपतसूरज कुमार राय ने कहा कि डौला गांव के नितिन की हत्या गाजियाबाद के लोनी थाना क्षेत्र (सिकरानी गांव) में हुई है। मुख्य कार्रवाई लोनी पुलिस द्वारा की जा रही है, और मामले के त्वरित खुलासे के लिए बागपत की सिंघावली अहीर थाना पुलिस उनकी पूरी मदद कर रही है।”

