विश्व फोटोग्राफी दिवस पर हजरतगंज मेट्रो स्टेशन से अनोखी फोटोवॉक की शुरुआत हुई, जहाँ 30 से अधिक छायाचित्रकारों ने लखनऊ की गति और वास्तुकला को अपने कैमरों में कैद किया
क्यूरेटर भूपेंद्र कुमार अस्थाना के मार्गदर्शन में आयोजित इस प्रदर्शनी की चुनिंदा तस्वीरों को अब लखनऊ मेट्रो के आगामी स्थापना दिवस पर प्रदर्शित किया जाएगा
लखनऊ। शहर की भागदौड़, मेट्रो की वास्तुकला और लोगों की आवाजाही को कैमरों में कैद करने का एक शानदार नज़ारा बुधवार को लखनऊ मेट्रो में देखने को मिला। मौका था विश्व फोटोग्राफी दिवस का, जिस पर हजरतगंज मेट्रो स्टेशन पर दो दिनों की खास फोटोग्राफी प्रदर्शनी शुरू हुई। इसके साथ ही चलती मेट्रो और स्टेशनों के अंदर एक मजेदार ‘फोटोवॉक’ भी आयोजित की गई।
प्रदर्शनी का उद्घाटन वरिष्ठ फोटोग्राफर अनिल रिसाल सिंह और यूपी मेट्रो के जॉइंट जनरल मैनेजर पंचानन मिश्रा ने मिलकर किया। इसमें शहर के 11 जाने-माने फोटोग्राफरों की 20 बेहतरीन तस्वीरें लगाई गईं, जो लखनऊ के पुराने मिज़ाज और नए बदलावों को बहुत ही खूबसूरती से दिखाती हैं।

पंचानन मिश्रा ने कहा कि लखनऊ मेट्रो सिर्फ आने-जाने का ज़रिया नहीं है, बल्कि यह कला और नई सोच को बढ़ावा देने का एक बेहतरीन प्लेटफॉर्म भी है। वहीं, अनिल रिसाल सिंह का कहना था कि ऐसे आयोजनों से फोटोग्राफी को लेकर लोगों में नई समझ पैदा होती है।
प्रदर्शनी के क्यूरेटर और आर्ट क्रिटिक भूपेंद्र कुमार अस्थाना ने बताया कि फोटोग्राफी सिर्फ बटन दबाना नहीं, बल्कि उस पल में छिपी भावना, रोशनी और रफ्तार की कहानी है। इसी सोच के साथ मुंशी पुलिया से एयरपोर्ट तक के स्टेशनों का पहले से जायजा लिया गया था।

इस फोटोवॉक में करीब 30 से ज़्यादा फोटोग्राफरों ने हिस्सा लिया, जिनमें युवा फोटोग्राफर कुंवर जी ने मेंटर के तौर पर सबका मार्गदर्शन किया। फोटोग्राफरों ने यात्रियों की गतिविधियों, प्लेटफॉर्म पर धूप-छांव के खेल और खिड़की से दिखते लखनऊ के खूबसूरत नज़ारों को अपने कैमरों में उतारा।
कार्यक्रम के आखिर में सभी प्रतिभागियों को सर्टिफिकेट दिए गए। इस दौरान खींची गई बेहतरीन तस्वीरों को अब आने वाले ‘लखनऊ मेट्रो स्थापना दिवस’ पर एक बड़े स्तर पर दिखाया जाएगा।

