प्रदेशभर के ऐतिहासिक स्थलों पर उमड़ा आस्था का जनसैलाब
नमाज के लिए जुटे अकीदतमंद, तपती धूप पर भारी पड़ा आस्था का उत्साह
लखनऊ। राजधानी लखनऊ समेत पूरे उत्तर प्रदेश में आज ईद-उल-अजहा (बकरीद) का त्योहार अकीदत, उल्लास और आपसी भाईचारे के पारंपरिक माहौल में मनाया जा रहा है। सुबह से ही नए वस्त्रों में सजे-धजे नमाजियों के कदम मस्जिदों और ईदगाहों की तरफ बढ़ने लगे थे, जहाँ एक साथ उठे हजारों हाथों ने मुल्क में अमन-चैन, खुशहाली और तरक्की के लिए सामूहिक दुआएं मांगीं। नमाज मुकम्मल होते ही लोग एक-दूसरे के गले मिले और ‘ईद मुबारक’ की सदाओं से फिजा गूंज उठी।
राजधानी लखनऊ की ऐतिहासिक ऐशबाग ईदगाह में सुन्नी समुदाय की मुख्य नमाज मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने अदा कराई। नमाज के बाद देश और दुनिया में शांति की अपील करते हुए उन्होंने समाज को सादगी और इंसानियत का रास्ता दिखाया। वहीं, शिया समुदाय के अकीदतमंदों ने बड़ा इमामबाड़ा स्थित आसफी मस्जिद में नमाज अदा कर देश की तरक्की की कामना की। प्रसिद्ध टीले वाली मस्जिद में भी सुबह से ही नमाजियों का तांता लगा रहा, जहाँ सुरक्षा के लिहाज से ड्रोन कैमरों से पल-पल की निगरानी की गई। प्रदेश के अन्य जिलों में भी सुबह से ही त्योहार की रौनक देखते ही बन रही थी।
बहराइच में बदली रणनीति: भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप को देखते हुए जिला प्रशासन और उलेमाओं ने सूझबूझ का परिचय दिया। यहाँ सुबह साढ़े पांच बजे से ही नमाज का सिलसिला शुरू हो गया, ताकि नमाजियों को तपती धूप का सामना न करना पड़े। शहर की मरकजी ईदगाह सलारगंज में सुबह 9 बजे आखिरी जमात हुई, जिसके बाद लोगों ने कब्रिस्तानों का रुख कर अपने पूर्वजों के लिए फातिहा पढ़ा।
अयोध्या में खिदमत की मिसाल: अयोध्या की सिविल ईदगाह में सुबह ठीक 8 बजे हजारों लोगों ने एक साथ खुदा की बारगाह में सिर झुकाया। यहाँ भीषण गर्मी को देखते हुए ईदगाह के बाहर नमाजियों और राहगीरों के लिए ठंडे पानी और शरबत के विशेष स्टाल लगाए गए, जो गंगा-जमुनी तहजीब की खूबसूरत मिसाल बने।
गोंडा में छतों पर अदा हुई नमाज: गोंडा के पटेलनगर स्थित मुख्य ईदगाह में इस बार आस्था का सैलाब इस कदर उमड़ा कि परिसर छोटा पड़ गया। जगह कम पड़ने के कारण बड़ी संख्या में युवाओं और नमाजियों ने ईदगाह की छतों पर सफें बिछाईं और नमाज मुकम्मल की।

मुस्तैद रहा अमला, घरों में शुरू हुआ पकवानों का दौर
इस पावन पर्व को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पूरे प्रदेश में पुलिस और प्रशासनिक अमला सड़कों पर मुस्तैद नजर आया। गोंडा में खुद पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल और प्रशासनिक अधिकारियों की टीम संवेदनशील इलाकों में गश्त करती दिखी, तो वहीं बहराइच में पुलिस अधीक्षक विश्वजीत श्रीवास्तव के नेतृत्व में सुरक्षा के कड़े प्रबंध रहे।
नमाज के शांतिपूर्ण समापन के बाद अब सभी शहरों और ग्रामीण अंचलों में सुन्नत-ए-इब्राहिमी के तहत कुर्बानी का सिलसिला शुरू हो चुका है। घरों में मेहमानों की आवभगत, पारंपरिक व्यंजनों और सेवइयों की मिठास के साथ यह त्योहार पूरे प्रदेश में आपसी भाईचारे को और मजबूत कर रहा है।

