यूपी के सुदूर क्षेत्रों से बिना ट्रायल फीस के चुने गए एक अनकैप्ड युवा पेसर ने 144-145 किमी/घंटे की तूफानी रफ्तार से किया प्रभावित
₹2.50 लाख की बेस प्राइस से शुरू हुई इस प्रतिभावान गेंदबाज की बोली ऑक्शन में सीधे ₹21.50 लाख तक पहुंच गई
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के दूर-दराज क्षेत्रों और छोटे शहरों से तेज गेंदबाजी की प्रतिभाओं को तराशने के लिए शुरू की गई यूपी टी-20 लीग की ‘स्पीड हंट’ पहल रंग लाने लगी है। बिना किसी ट्रायल फीस के आयोजित इस विशेष अभियान से निकले एक अनकैप्ड युवा तेज गेंदबाज ने नीलामी (ऑक्शन) में सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा। लगातार 144 से 145 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गेंद फेंकने वाले इस युवा पर 2.50 लाख रुपये की बेस प्राइस से बोली शुरू होकर 21.50 लाख रुपये तक पहुंच गई।
यूपी टी-20 लीग (सीजन-4) की कैप्टन्स मीट के दौरान गवर्निंग काउंसिल के चेयरमैन डॉ. संजय कपूर ने इस अभियान की सफलता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि राजीव शुक्ला के मार्गदर्शन में यह अभियान पूर्णतः निःशुल्क (बिना ट्रायल फीस) आयोजित किया गया, ताकि संसाधनों की कमी से जूझ रहे युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का समान अवसर मिले।
कुछ ही दिनों पहले तक गुमनाम रहे इस गेंदबाज की 144-145 किमी/घंटे की गति और ऑक्शन में 21.50 लाख रुपये की बड़ी बोली इस पहल की वास्तविक सफलता को दर्शाती है।
दिग्गजों और कप्तानों ने की तारीफ
इस पहल और नए गेंदबाजों के प्रदर्शन को लीग के प्रमुख कप्तानों ने भी खुलकर सराहा:
- भुवनेश्वर कुमार (कप्तान, लखनऊ फाल्कन्स): “एक तेज गेंदबाज के नाते मैं जानता हूं कि लगातार 140+ किमी/घंटे की रफ्तार बनाए रखना कितना कठिन है। यह पहल न केवल फ्रेंचाइजियों के लिए, बल्कि भारतीय क्रिकेट के स्वर्णिम भविष्य के लिए भी बेहद फायदेमंद है।”
- रिंकू सिंह (कप्तान, मेरठ मावेरिक्स): “यूपी में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, बस सही मौके की तलाश रहती है। ‘स्पीड हंट’ से आए खिलाड़ियों में गति के साथ-साथ आगे बढ़ने की गजब की भूख है।”
- समीर रिजवी (कानपुर सुपरस्टार्स), माधव कौशिक (नोएडा किंग्स) व आर्यन जुयाल (गोरखपुर लायंस): इन कप्तानों ने माना कि बिना किसी शुल्क के सीधा बड़ा मंच मिलना ग्रामीण व दूर-दराज के खिलाड़ियों के लिए वरदान साबित हो रहा है।
‘स्पीड हंट’ के जरिए चुने गए ये युवा गेंदबाज अब यूपी टी-20 लीग सीजन-4 में देश के अनुभवी खिलाड़ियों के साथ ड्रेसिंग रूम साझा करेंगे। लीग गवर्निंग काउंसिल का मानना है कि यह केवल एक खिलाड़ी पर लगी 21.50 लाख रुपये की बोली तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रदेश के उन हजारों युवाओं के लिए एक मजबूत संदेश है जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़ा सपना देखते हैं।

