मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को गोरखपुर में 20.35 करोड़ रुपये की लागत से
‘चिलुआताल’ के पर्यटन विकास, सौन्दर्यीकरण और विभिन्न निर्माण कार्यों का लोकार्पण किया
गोरखपुर/लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को गोरखपुर में 20.35 करोड़ रुपये की लागत से ‘चिलुआताल’ के पर्यटन विकास, सौन्दर्यीकरण और विभिन्न निर्माण कार्यों का लोकार्पण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने निर्माणाधीन भजन संध्या स्थल और नए विकसित किए गए घाट का निरीक्षण किया। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण पर जोर देते हुए झील के चारों तरफ बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण करने के निर्देश दिए।
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज गोरखपुर के निवासियों और यहाँ आने वाले मेहमानों के लिए पर्यटन का एक खूबसूरत और नया ठिकाना मिल गया है। उन्होंने बताया कि यह चिलुआताल के विकास का पहला फेज है, जिसका पानी पूरी तरह प्राकृतिक है।
रामगढ़ताल की तरह विकसित होगा चिलुआताल
मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले ताल-पोखरों पर कब्जे होते थे और वे गंदगी तथा अपराध के गढ़ बन जाते थे। इसके विपरीत, हमारी डबल इंजन की सरकार इन प्राकृतिक जलस्रोतों का संरक्षण कर रही है। उन्होंने घोषणा की कि आने वाले चरणों में चिलुआताल को रामगढ़ताल की तर्ज पर एक शानदार ईकोटूरिज्म डेस्टिनेशन और वॉटर स्पोर्ट्स सेंटर के रूप में स्थापित किया जाएगा। हाल ही में रामगढ़ताल में आयोजित हुई ‘नेशनल जूनियर रोइंग प्रतियोगिता’ की सफलता का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वॉटर स्पोर्ट्स की वैसी ही बेहतरीन संभावनाएं चिलुआताल में भी मौजूद हैं।
लगेगा 20 मेगावॉट का फ्लोटिंग सोलर पावर प्लाण्ट
प्रदूषण मुक्त और हरित ऊर्जा की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि यहाँ कोल इण्डिया के साथ मिलकर 20 मेगावॉट क्षमता का तैरता हुआ (फ्लोटिंग) सोलर पावर प्लाण्ट स्थापित किया जा रहा है। इस प्लांट से बनने वाली सौर ऊर्जा बिना किसी कार्बन उत्सर्जन के पूरे गोरखपुर शहर को बिजली की आपूर्ति कर सकेगी, जो पर्यावरण को सुरक्षित रखने और ‘नेट जीरो’ (शून्य कार्बन उत्सर्जन) के लक्ष्य को पूरा करने में मददगार होगी।
स्मार्ट सिटी से आगे बढ़कर अब ‘सेफ और सस्टेनेबल सिटी’
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब हमारे शहर सिर्फ स्मार्ट नहीं रह गए हैं, बल्कि वे सुरक्षित (सेफ) और सस्टेनेबल सिटी के रूप में तब्दील हो रहे हैं। उन्होंने फर्टिलाइजर कारखाने के पास चल रही विभिन्न गतिविधियों जैसे एसएसबी की तैनाती, सैनिक स्कूल और केंद्रीय विद्यालय का उदाहरण देते हुए क्षेत्र में हो रहे चौतरफा विकास को रेखांकित किया। उन्होंने स्थानीय लोगों से अपील की कि वे शहर को प्लास्टिक और गंदगी से मुक्त रखकर नए गोरखपुर के निर्माण में अपना सामूहिक योगदान दें।
5 जून को ‘एक पेड़ माँ के नाम’ और 21 जून को योग शिविर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सफल कार्यकाल के उपलक्ष्य में 5 जून से 21 जून के बीच चलने वाले विशेष अभियान की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने जनता से दो बड़ी अपीलें कीं:
- 5 जून (विश्व पर्यावरण दिवस): इस दिन ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत चिलुआताल और रामगढ़ताल के चारों तरफ व्यापक स्तर पर पौधे लगाए जाएं।
- 21 जून (अंतरराष्ट्रीय योग दिवस): इस दिन दोनों तालों के किनारों पर योग के विशेष शिविर आयोजित किए जाएं।
इस कार्यक्रम को स्थानीय सांसद रवि किशन शुक्ल और गोरखपुर के महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव ने भी संबोधित किया। समारोह में कई विधायक, विधान परिषद सदस्य, जनप्रतिनिधि और शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

