मुख्यमंत्री ने ‘उ0प्र0 आउटसोर्स सेवा निगम’ का किया शुभारम्भ, पारदर्शी व्यवस्था से 3 लाख से अधिक आउटसोर्स कर्मियों को मिलेगी सेवा सुरक्षा व दोगुना मानदेय

Anoop

September 3, 2026

उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की ओर से जारी बयान में उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम के गठन को आउटसोर्स कर्मियों के अधिकारों व सम्मान की सुरक्षा के लिए ऐतिहासिक कदम बताया

निगम के माध्यम से प्रदेश के 3 लाख से अधिक आउटसोर्स कर्मियों को पारदर्शिता, सेवा सुरक्षा और मानदेय में बढ़ोतरी का सीधा लाभ मिलेगा

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज लोक भवन में उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम (यू0पी0सी0ओ0एस0) का औपचारिक शुभारम्भ किया। इस अवसर पर उन्होंने निगम की आधिकारिक वेबसाइट, डिजिटल पोर्टल का शुभारम्भ और ‘लोगो’ का अनावरण करने के साथ आउटसोर्स कर्मियों को डेमो चेक भी प्रदान किए। कार्यक्रम के दौरान आउटसोर्स कर्मियों को व्यापक सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम तथा भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के मध्य एम0ओ0यू0 का आदान-प्रदान किया गया।

समारोह को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार और कर्मचारी का सम्बन्ध केवल वेतन और कार्य का नहीं, बल्कि विश्वास और जिम्मेदारी का है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के 3 लाख से अधिक आउटसोर्स कार्मिकों और उनके परिवारों के लगभग 17 से 20 लाख लोगों के हितों को ध्यान में रखते हुए इस निगम का गठन किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य आउटसोर्स वर्कफोर्स को संगठित, कुशल, सुरक्षित और सम्मानजनक (Organized, Skilled, Secure and Dignified) वर्कफोर्स में परिवर्तित करना है।

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि अब आउटसोर्स कर्मियों का मानदेय लगभग दोगुना तक बढ़ाने की व्यवस्था की गई है। विभिन्न श्रेणियों और शैक्षणिक योग्यता के अनुरूप 20 हजार रुपये से लेकर 40 हजार रुपये तक का सम्मानजनक पारिश्रमिक निर्धारित किया गया है। अब कोई भी आउटसोर्स एजेंसी कर्मचारी के मानदेय से अनधिकृत कटौती नहीं कर सकेगी और एजेंसी का सर्विस चार्ज सरकार अलग से देगी। प्रत्येक माह की 05 तारीख तक पारिश्रमिक सीधे बैंक खाते में भेजा जाएगा तथा ई0पी0एफ0 व ई0एस0आई0 का अंशदान नियमित जमा होगा। इसके अलावा, कोई भी कंपनी मनमाने ढंग से कर्मचारी को नौकरी से नहीं निकाल सकेगी।

सामाजिक सुरक्षा का विवरण देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि भारतीय स्टेट बैंक के साथ हुए एम0ओ0यू0 के तहत दुर्घटना या आकस्मिक घटना की स्थिति में परिवार को 20 लाख से लेकर 50 लाख रुपये तक का दुर्घटना बीमा कवर मिलेगा। साथ ही अग्निकाण्ड पर 10 लाख, आपात चिकित्सा हेतु 5 लाख और एयर एम्बुलेंस के लिए 10 लाख रुपये तक की सहायता का प्रावधान है। किसी अनहोनी की स्थिति में पुत्र की शिक्षा के लिए 8 लाख, पुत्री की शिक्षा के लिए 10 लाख तथा दो पुत्रियों के विवाह हेतु 8 से 10 लाख रुपये तक की आर्थिक मदद दी जाएगी। कर्मियों को ईएसआई और आवश्यकता पड़ने पर आयुष्मान भारत जैसी कैशलेस स्वास्थ्य सुविधाएं और मातृत्व अवकाश भी प्रदान किया जाएगा।

पारदर्शिता पर बल देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया ऑनलाइन, पारदर्शी और मेरिट पर आधारित होगी तथा राज्य सरकार की आरक्षण नीति का पूर्ण अनुपालन किया जाएगा। विगत 09 वर्षों में डबल इंजन सरकार द्वारा स्थापित पारदर्शी कार्यसंस्कृति का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि प्रदेश में अब तक 9 लाख युवाओं को सरकारी नौकरियां दी जा चुकी हैं और आगामी 6 महीनों में 1 लाख और नियुक्ति पत्र बांटे जाएंगे। उन्होंने कहा कि एमएसएमई, ओडीओपी और महिला स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से प्रदेश की आर्थिक गतिविधियों को गति मिली है।

कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि निगम के गठन से आउटसोर्स कर्मियों के अधिकारों व सम्मान की सुरक्षा होगी। वहीं उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने इसे लम्बे समय से चली आ रही मांग को पूरा करने वाला ऐतिहासिक कदम बताया। इस दौरान निगम की कार्यप्रणाली पर आधारित एक लघु फिल्म का भी प्रदर्शन किया गया। इस अवसर पर प्रमुख सचिव सचिवालय प्रशासन मनीष चौहान, प्रबंध निदेशक यू0पी0सी0ओ0एस0 अमृता सोनी तथा भारतीय स्टेट बैंक के मुख्य महाप्रबंधक दीपेश राज सहित कई वरिष्ठ अधिकारी व गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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