भद्रा के साए से मुक्त रहेगा रक्षाबंधन, राहुकाल छोड़ दिनभर बंधेगी राखी; चंद्रग्रहण का भी नहीं पड़ेगा असर

Anoop

August 27, 2026

इस बार रक्षाबंधन का पर्व पूरी तरह भद्रा काल से मुक्त रहेगा, बहनें पूरे दिन अपने भाइयों की कलाई पर रक्षासूत्र बांध सकेंगी

हालांकि सुबह 10:31 से दोपहर 12:07 बजे तक राहुकाल रहने के कारण इस समय राखी बांधने से बचने की सलाह दी गई है

लखनऊ। भाई-बहन के अटूट स्नेह का पर्व रक्षाबंधन इस वर्ष 28 अगस्त को हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। अच्छी खबर यह है कि इस बार रक्षाबंधन पूरी तरह भद्रा से मुक्त रहेगा, जिससे बहनें बिना किसी संशय के दिनभर अपने भाइयों की कलाई पर रक्षासूत्र बांध सकेंगी।

स्वास्तिक ज्योतिष केंद्र के ज्योतिषाचार्य एसएस नागपाल ने बताया कि भद्रा काल 27 अगस्त की सुबह 09:08 बजे से शुरू होकर रात 09:32 बजे ही समाप्त हो जाएगा। ऐसे में 28 अगस्त को सूर्योदय के समय भद्रा का कोई असर नहीं रहेगा। हालांकि पूर्णिमा तिथि 28 अगस्त की सुबह 09:48 बजे समाप्त हो जाएगी, लेकिन उदया तिथि और परंपरा के अनुसार रक्षाबंधन का पर्व पूरा दिन मनाया जा सकता है।

पर्व के दिन केवल राहुकाल का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी गई है। 28 अगस्त को सुबह 10:31 बजे से दोपहर 12:07 बजे तक राहुकाल रहेगा, जिसमें शुभ कार्य वर्जित होते हैं। इसलिए इस अवधि के दौरान राखी बांधने से बचें।

इसी दिन सुबह 08:04 बजे से दोपहर 11:22 बजे तक लगने वाला आंशिक चंद्रग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। यह ग्रहण अमेरिका, यूरोप और अफ्रीका महाद्वीपों में ही दृश्यमान होगा। भारत में अदृश्य होने के कारण इसका सूतक काल या कोई भी धार्मिक प्रतिबंध लागू नहीं होगा और सभी मांगलिक कार्य सामान्य रूप से संपन्न किए जा सकेंगे। ज्योतिषियों के अनुसार राखी बांधते समय “येन बद्धो बली राजा दानवेंद्रो महाबलः। तेन त्वामपि बध्नामि रक्षे मा चल मा चल॥” मंत्र का जाप करना अत्यंत शुभ माना गया है।

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