राज्य सरकार ने उचित दर विक्रेताओं की मार्जिन मनी 90 रुपये से बढ़ाकर 125 रुपये प्रति कुन्तल कर दी है, जिससे प्रति माह औसत आय 16,250 रुपये हो जाएगी
प्रदेश की 10 हजार राशन दुकानों को आधुनिक अन्नपूर्णा भवनों में बदला जा चुका है, जहाँ कोटेदार राशन के साथ ओडीओपी (ODOP) और साबुन, तेल जैसी 39 अन्य दैनिक सामग्री भी बेच सकेंगे
लखनऊ । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए प्रदेश के 78 हजार से अधिक उचित दर विक्रेताओं को मार्जिन मनी में 30 प्रतिशत की ऐतिहासिक वृद्धि का उपहार दिया है। लाभांश में प्रति कुन्तल 35 रुपये की बढ़ोतरी करते हुए इसे 90 रुपये से बढ़ाकर 125 रुपये कर दिया गया है। लोक भवन में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने ‘सिंगल स्टेज डोर-स्टेप डिलीवरी’ के अंतर्गत ई-पॉस आधारित उचित दर विक्रेता फीडबैक प्रणाली का भी शुभारंभ किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि फेयर प्राइस शॉप के संचालक शासन और जनता के बीच सेतु के रूप में कार्य करते हैं। पारदर्शी व्यवस्था से लोकतंत्र मजबूत होता है। वर्ष 2017 से पहले सत्ता में बैठे लोगों की खराब नीयत का खामियाजा कोटेदारों को भुगतना पड़ता था, लेकिन बीते 9 वर्षों में डबल इंजन सरकार के प्रयासों से पूरे प्रदेश और उचित दर विक्रेताओं के प्रति लोगों का नजरिया बदला है। वर्ष 2017 में ई-पॉस मशीन लागू करने और गोदामों से सीधे दुकानों तक राशन की सिंगल डोर-स्टेप डिलीवरी शुरू होने से बिचौलियों की व्यवस्था समाप्त हुई है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि पहले जहां प्रति माह लगभग 100 कुन्तल राशन बांटने पर विक्रेता को 12,750 रुपये की आय होती थी, वहीं अब लाभांश बढ़कर 16,250 रुपये हो जाएगा। दुकानें अन्नपूर्णा भवनों के रूप में विकसित की जा रही हैं, जिसके लिए इस वर्ष 500 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। इन भवनों में 10 हजार दुकानें स्थापित हो चुकी हैं, जहां विक्रेता राशन के अलावा कपड़े, साबुन, तेल और एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) सहित 39 प्रकार की सामग्री बेचकर अतिरिक्त आय अर्जित कर सकते हैं।
प्रदेश में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत 15 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन दिया जा रहा है, जबकि असमर्थ, निराश्रित और दिव्यांगजनों के घर तक राशन पहुंचाने की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा 2 करोड़ परिवारों को मुफ्त रसोई गैस और 1.53 करोड़ परिवारों को बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराए गए हैं। मुख्यमंत्री ने ई-पॉस और सीधे किसान खरीद प्रक्रिया का उल्लेख करते हुए बताया कि सरकार ने एमएसपी का पूरा लाभ सीधे किसानों के खातों में डीबीटी के जरिए पहुंचाया है।

