लखनऊ के रहीमाबाद में जमीन के लालच में एक कलयुगी बेटे द्वारा मृत पिता के अंगूठे का निशान सादे कागज पर लगवाने का शर्मनाक मामला सामने आया है
इस अमानवीय कृत्य का वीडियो ग्रामीणों द्वारा बनाए जाने के बाद क्षेत्र में आक्रोश है और लोग बेटों से बेहतर बेटियों की सेवा भावना की सराहना कर रहे हैं
लखनऊ। मलिहाबाद क्षेत्र के रहीमाबाद स्थित खड़ौहा गांव में रिश्तों की गरिमा को तार-तार कर देने वाला शर्मनाक मामला प्रकाश में आया है। यहाँ एक कलयुगी पुत्र ने अपने पिता के निधन के बाद शोक मनाने के बजाय संपत्ति के लालच में मृत देह के अंगूठे का निशान सादे कागजों पर ले लिया। इस अमानवीय कृत्य में उसकी पत्नी और चचेरे भाई ने भी साथ दिया। वहां मौजूद ग्रामीणों द्वारा इस घटना का चुपचाप वीडियो बना लिया गया, जो अब तेजी से वायरल हो रहा है।
मृतक छत्रपाल (75 वर्ष) को उनके बेटे महेंद्र और बहू लक्ष्मी ने वर्ष 2023 में मारपीट कर घर से निकाल दिया था। इसके बाद से वे अपनी बेटियों के यहाँ आश्रय लिए हुए थे। बेटे के कुकृत्यों से तंग आकर पिता ने समाचार पत्रों में इश्तिहार जारी कर बेटे-बहू को अपनी जायदाद से बेदखल कर दिया था और अपनी जमीन में से एक-एक बीघा हिस्सा अपनी तीनों बेटियों के नाम कर दिया था।
बीमारी के नाम पर साथ ले गया था बेटा
गत 7 जुलाई को जब बुजुर्ग छत्रपाल की तबीयत बिगड़ी, तो बेटा महेंद्र बहन के घर पहुंचकर विवाद करने लगा और इलाज का बहाना बनाकर पिता को जबरन अपने साथ ले आया। इसके मात्र तीन दिन बाद 9 जुलाई को वृद्ध की मौत हो गई।
जनमानस में गुस्सा, बेटियों की सेवा भावना की सराहना
शव के साथ घटित इस संवेदनहीन वारदात से स्थानीय निवासियों में गहरा रोष व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसे लोभी बेटों की तुलना में बेटियां कहीं अधिक श्रेष्ठ हैं, जो बुढ़ापे में माता-पिता का सच्चा सहारा बनती हैं।

