उत्तर प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राज्य के 703 नगरीय निकायों के वास्ते 1,034.76 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि स्वीकृत की

Anoop

October 16, 2026

राज्य वित्त आयोग की सिफारिशों पर बड़ा निर्णय, निकायों के विकास को मिलेगी गति

पांचवें राज्य वित्त आयोग की सिफारिशों के आधार पर यह वित्तीय आवंटन किया गया है

लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने नगरीय निकायों के विकास और प्रशासनिक कार्यों को गति देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। इसके तहत राज्य के कुल 703 निकायों—जिसमें 16 नगर निगम, 185 नगर पालिका परिषद और 502 नगर पंचायतें शामिल हैं—के लिए कुल 1,034.76 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। यह फंड वर्ष 2022-23 से 2023-24 तक की वास्तविक प्राप्तियों के आधार पर जारी किया गया है, जिसके संबंध में स्थानीय निकाय निदेशालय ने आधिकारिक आदेश जारी कर दिए हैं।

आदेश के मुताबिक, तीनों श्रेणियों के निकायों को मिलने वाली सटीक राशि इस प्रकार है:

  • नगर निगम (16): 473,14,62,008 रुपये (कुल राशि का लगभग 45.72 प्रतिशत)
  • नगर पालिका परिषद (185): 358,24,82,806 रुपये (कुल राशि का लगभग 34.62 प्रतिशत)
  • नगर पंचायत (502): 203,36,57,165 रुपये (कुल राशि का लगभग 19.65 प्रतिशत)

इन तीनों श्रेणियों को मिलाकर कुल स्वीकृत धनराशि 1,034 करोड़ 76 लाख 1 हजार 979 रुपये बैठती है, जिसमें सबसे बड़ा हिस्सा नगर निगमों के खाते में गया है।

प्रमुख आवंटन: लखनऊ अव्वल, शाहजहांपुर को सबसे कम

नगर निगमों की श्रेणी में मिलने वाले फंड की बात करें तो राजधानी लखनऊ को सबसे अधिक 77.10 करोड़ रुपये की मंजूरी मिली है। इसके बाद कानपुर नगर को 65.15 करोड़ रुपये और वाराणसी को 48.44 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। सूची में गाजियाबाद और प्रयागराज जैसे बड़े नगर निगम भी शामिल हैं, जबकि दूसरी ओर शाहजहांपुर नगर निगम के लिए सबसे कम 8.74 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।

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