उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक
ग्रामीण आबादी को शहर से जोड़ने के लिए ‘मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना-2026’ को मंजूरी
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को संपन्न हुई कैबिनेट बैठक में प्रदेश की जनता के लिए सौगातों की झड़ी लगा दी गई। एक ओर जहां सरकार ने ग्रामीण परिवहन और शहरी आवास व्यवस्था को नई ऊंचाई देने का निर्णय लिया है, वहीं दूसरी ओर आगामी त्योहारों और परीक्षाओं के मद्देनजर सुरक्षा व आपूर्ति व्यवस्था को लेकर सख्त तेवर अपनाए हैं।
गांव-गांव तक ‘मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना‘
कैबिनेट ने ग्रामीण आबादी को शहर से जोड़ने के लिए ‘मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना-2026′ को मंजूरी दी है। इसके तहत प्रदेश की 12,200 ग्राम सभाओं तक सरकारी बस सेवा पहुंचाई जाएगी। इन बसों को टैक्स और परमिट से मुक्त रखा गया है। खास बात यह है कि ये बसें रात में गांवों में ही रुकेंगी और सुबह 10 बजे तक ग्रामीणों, छात्रों और व्यापारियों को लेकर जिला मुख्यालय पहुंचेंगी। 28 सीटों वाली इन छोटी बसों के चालक और परिचालक भी स्थानीय ग्रामीण ही होंगे, जिससे रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।
शहरी विस्तार और सस्ते आवास की सौगात
मध्यम और निम्न आय वर्ग के लिए घर का सपना साकार करने हेतु सरकार ने पीएम आवास योजना-2 (शहरी) के तहत ईडब्ल्यूएस के साथ-साथ LIG और मिनी-MIG मकान बनाने का निर्णय लिया है। इसके अतिरिक्त, ‘मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण योजना’ के तहत वाराणसी, बरेली, उरई, चित्रकूट, बांदा, प्रतापगढ़, गाजीपुर और मऊ जैसे 8 शहरों के लिए 425 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। वाराणसी में विश्वस्तरीय ‘वर्ल्ड सिटी एक्सपो’ के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया भी तेज की जाएगी। साथ ही, अवैध कब्जे वाले कांशीराम आवासों को खाली कराकर पुनः पात्र दलित परिवारों को आवंटित किया जाएगा।
परिवहन सुरक्षा और शिक्षकों को स्वास्थ्य लाभ
अब उत्तर प्रदेश में ओला और उबर जैसी टैक्सी सेवाओं को बिना पंजीकरण के संचालन की अनुमति नहीं होगी। यात्रियों की सुरक्षा के लिए ड्राइवरों का पुलिस वेरिफिकेशन, मेडिकल टेस्ट और गाड़ियों का फिटनेस अनिवार्य कर दिया गया है। वहीं, शिक्षा जगत के लिए ऐतिहासिक फैसला लेते हुए सरकार ने 2 लाख से अधिक उच्च शिक्षा के शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को 5 लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा प्रदान करने की मंजूरी दी है।
जमाखोरी पर सीएम का सख्त फरमान
कैबिनेट फैसलों के साथ ही मुख्यमंत्री ने प्रदेश में ईंधन की उपलब्धता की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य में पेट्रोल, डीजल और गैस की कोई कमी नहीं है। सीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि यदि कहीं भी कृत्रिम संकट पैदा करने या कालाबाजारी की कोशिश हुई, तो दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाए।
आगामी 10 दिन ‘अति-संवेदनशील‘
मुख्यमंत्री ने आगामी त्योहारों और परीक्षाओं को देखते हुए 21 मार्च तक की अवधि को संवेदनशील घोषित किया है। 13 मार्च को अलविदा की नमाज, 14-15 मार्च को एसआई भर्ती परीक्षा और 20-21 मार्च को ईद-उल-फितर के मद्देनजर पूरे प्रदेश में पुलिस को ‘फुट पेट्रोलिंग’ और सोशल मीडिया पर निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। 19 मार्च को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अयोध्या और मथुरा आगमन को लेकर भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने को कहा गया है।
अन्य महत्वपूर्ण निर्णय:
- पारदर्शिता: अब सरकारी कर्मचारियों को हर साल अपनी अचल संपत्ति का ब्योरा देना अनिवार्य होगा।
- इंफ्रास्ट्रक्चर: कानपुर में ट्रांसगंगा सिटी को जोड़ने को गंगा नदी पर 753 करोड़ की लागत से दो नए पुलों के निर्माण को मंजूरी दी गई है।
- बिजली: पावर कॉर्पोरेशन को बिजली खरीदने के लिए सहकारी बैंकों से 2000 करोड़ तक का ऋण लेने की सुविधा दी गई है।

