कलरथॉन ओपन 2026 में 25 राज्यों व 7 केंद्र शासित प्रदेशों की 25 सर्वश्रेष्ठ कलाकृतियां प्रदर्शनी के लिए चुनी गईं
कोकोरो आर्ट गैलरी में 15 नवंबर तक लगने वाली प्रदर्शनी में विजेताओं को किया गया सम्मानित
लखनऊ: कोकोरो आर्ट गैलरी, लखनऊ में आज ‘कलरथॉन ओपन 2026’ की प्रदर्शनी का भव्य शुभारंभ हुआ, जिसमें देश के 25 राज्यों और 7 केंद्र शासित प्रदेशों के कलाकारों की 25 सर्वश्रेष्ठ कलाकृतियां प्रदर्शित की गई हैं। प्रतियोगिता के प्रदर्शनी सहयोगी के रूप में कोकोरो आर्ट गैलरी द्वारा आयोजित यह प्रदर्शनी उस सम्मान समारोह के साथ आरंभ हुई, जिसमें कलरथॉन फाउंडेशन ने अपनी पहली राष्ट्रीय ललित कला प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित किया। यह प्रदर्शनी 15 नवंबर तक आम जनता और कला प्रेमियों के लिए खुली रहेगी।
इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में 4,026 पंजीकरण और 1,102 मूल कलाकृतियां प्राप्त हुईं। प्रतियोगिता की जूरी में प्रो. (डॉ.) वंदना सहगल, श्री जय कृष्ण अग्रवाल और श्री रूप चंद शामिल रहे, जिन्होंने देश भर से 25 सर्वश्रेष्ठ प्रविष्टियों को शॉर्टलिस्ट किया। इस वर्ष का विषय “पेंट अ कैनवास ऑफ अ मल्टीट्यूड ऑफ सेंसेज” था।
समारोह में राज्य सूचना आयुक्त (उत्तर प्रदेश सूचना आयोग) श्री वीरेंद्र प्रताप सिंह ने विजेताओं को पुरस्कृत किया। ₹1,00,000 के कुल पुरस्कार पूल से सम्मानित किए गए प्रमुख विजेता इस प्रकार हैं:
- प्रथम पुरस्कार (₹40,000): पिनाकी भट्टाचार्य, पश्चिम बंगाल
- द्वितीय पुरस्कार (₹30,000): त्सेवांग नामग्याल, लद्दाख
- तृतीय पुरस्कार (₹20,000): जूही अग्रवाल, दिल्ली
- चतुर्थ पुरस्कार (₹5,000): शिमोना अग्रवाल, कर्नाटक
- पंचम पुरस्कार (₹5,000): मानसी द्विवेदी, उत्तर प्रदेश

कोकोरो आर्ट गैलरी की क्यूरेटर तथा जूरी सदस्य प्रो. (डॉ.) वंदना सहगल ने कहा कि इन चयनित कैनवासों के माध्यम से कलाकारों ने क्षणिक संवेदी स्मृतियों को स्थायी संवादों में बदला है। वहीं, कलरथॉन फाउंडेशन के सह-संस्थापक एवं प्रबंध न्यासी मोहम्मद शम्स अली वारसी ने कहा कि देश भर के एक हजार से अधिक कलाकारों को एक साझा मंच प्रदान करना और उनकी कला को लखनऊ लाकर सम्मानित करना इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य रहा है।

