सरदार पटेल की जयंती पर जन भवन में ‘रन फॉर यूनिटी’ का आयोजन, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने दिखाई हरी झंडी
देशी रियासतों के एकीकरण और स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का उल्लेख कर पटेल जी के राष्ट्र निर्माण में योगदान को किया याद
लखनऊ। प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर जन भवन के मुख्य लॉन में स्थापित उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस उपलक्ष्य में राज्यपाल ने ‘रन फॉर यूनिटी’ (एकता दौड़) रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। भारत माता की जय और वंदे मातरम् के जयघोष के बीच जन भवन के गेट संख्या-02 से शुरू हुई यह रैली हजरतगंज, लालबाग, बापू भवन चौराहा होते हुए परिसर में संपन्न हुई। रैली में जन भवन के अधिकारियों, कर्मचारियों, सुरक्षा कर्मियों, विश्वविद्यालयीय छात्र-छात्राओं और स्कूली बच्चों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
रैली को संबोधित करते हुए राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने सरदार पटेल के जीवन, व्यक्तित्व और राष्ट्र निर्माण में उनके अतुलनीय योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने खेड़ा और बारडोली सत्याग्रह का उल्लेख करते हुए कहा कि किसानों के हितों के लिए किए गए अदम्य संघर्ष और नेतृत्व के कारण ही उन्हें ‘सरदार’ की उपाधि मिली। राज्यपाल ने कहा कि स्वतंत्रता के पश्चात देशी रियासतों का एकीकरण कर सरदार पटेल ने भारत की राजनीतिक एकता और अखंडता को सुदृढ़ आधार प्रदान किया।
गुजरात में स्थापित ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ का जिक्र करते हुए राज्यपाल ने कहा कि यह केवल एक स्मारक नहीं, बल्कि राष्ट्रीय एकता, जनसहभागिता और सामूहिक संकल्प का प्रतीक है। देश के गांव-गांव से मिट्टी और लोहे के संग्रहण से निर्मित यह प्रतिमा भारत की चेतना को दर्शाती है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी सोच की सराहना करते हुए कहा कि कभी बंजर रही भूमि को हरित और विकसित पर्यटन क्षेत्र में बदलना तथा स्थानीय व आदिवासी समुदाय को रोजगार से जोड़ना अनुकरणीय है।

राज्यपाल ने ‘रन फॉर यूनिटी’ के उद्देश्य को रेखांकित करते हुए कहा कि यह केवल एक दौड़ नहीं, बल्कि देश की एकता, अखंडता और राष्ट्रीय एकजुटता के संकल्प को मजबूत करने का माध्यम है। उन्होंने नागरिकों का आह्वान किया कि देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले वीर जवानों और उनके परिवारों का सदैव सम्मान किया जाना चाहिए। राज्यपाल ने सभी से इतिहास से सीख लेते हुए राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने और देश की सेवा में निष्ठा व समर्पण से योगदान देने की अपील की।
इस अवसर पर राज्यपाल के विशेष कार्याधिकारी (अपर मुख्य सचिव स्तर) डॉ. सुधीर एम. बोबड़े, विधि परामर्शी सुनील कुमार वर्मा, विशेष सचिव श्रीप्रकाश गुप्ता सहित जन भवन के समस्त अधिकारी, कर्मचारी और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

