वाराणसी में ‘डबल इंजन’ की हार और यूसीसी पर तीखा पलटवार
भाजपा के 10 साल के शासन पर उठाए गंभीर सवाल
लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधान परिषद चुनाव के नतीजों के बाद समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर जोरदार हमला बोला है। सपा मुख्यालय में पत्रकारों को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि विधान परिषद चुनाव में धूमधाम मचाने वाले लोग पूरी तरह धड़ाम से गिर गए हैं। उन्होंने दावा किया कि भाजपा सिर्फ 5 सीटों पर ही चुनाव नहीं हारी है, बल्कि प्रदेश के 50 जिलों में उसकी करारी शिकस्त हुई है। उन्होंने कहा कि सपा जनता के अभूतपूर्व समर्थन से विजयी हुई है, जबकि जनता के बीच यह संदेश स्पष्ट रूप से चला गया है कि भाजपा ने छल और बेईमानी के बल पर छह सीटें जीती हैं।
‘वाराणसी में हुई डबल इंजन की हार, भाईचारे का होगा 2027 का चुनाव’
प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में भाजपा की पराजय पर तंज कसते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि वहां ‘डबल इंजन की डबल हार’ हुई है। उन्होंने कहा कि महिला शिक्षकों, व्यापारियों और राज्य की आधी आबादी का समर्थन सपा के साथ खड़ा है। गृह मंत्री अमित शाह के समान नागरिक संहिता (यूसीसी) वाले बयान पर तीखा पलटवार करते हुए सपा प्रमुख ने कहा कि 2027 में जनता भाजपा को सत्ता से बेदखल कर देगी और ये यूसीसी लागू करने लायक ही नहीं बचेंगे। उन्होंने कहा कि 2027 का विधानसभा चुनाव भाईचारे और सौहार्द का चुनाव होगा, जिसमें जनता सांप्रदायिक राजनीति को पूरी तरह खारिज कर देगी।
भाजपा के 10 साल के कार्यकाल का हिसाब-किताब
अखिलेश यादव ने भाजपा के बीते 10 वर्षों के शासनकाल पर तीखा हमला बोलते हुए उनके रिपोर्ट कार्ड पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में बीते एक दशक में 27 हजार से अधिक सरकारी स्कूलों को बंद कर दिया गया, जबकि दूसरी तरफ 27 हजार शराब की दुकानें खुलवा दी गईं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करते हुए 30 से अधिक भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक हुए और नौकरियों में आरक्षण को छीना गया। उन्होंने कहा कि सपा विधान परिषद चुनाव के इन परिणामों से ऊर्जा लेकर 2027 में प्रचंड बहुमत के साथ सरकार बनाने जा रही है।

