कर्मचारियों के लिए प्रोत्साहन राशि और इंसेंटिव की घोषणा
बसों की मरम्मत और बस अड्डों पर व्यवस्था चाक-चौबंद करने के निर्देश
लखनऊ। दीपावली और छठ पर्व के अवसर पर यात्रियों की भारी भीड़ को देखते हुए उत्तर प्रदेश परिवहन निगम ने राज्य भर में अतिरिक्त बसों के संचालन का फैसला किया है। प्रदेश के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि आगामी 6 से 17 नवंबर तक प्रदेश की सड़कों पर अधिक से अधिक बसें उतारी जाएं। इस पहल का मुख्य उद्देश्य त्योहारों के दौरान यात्रियों को सुरक्षित, सुगम और आरामदायक यात्रा की सुविधा उपलब्ध कराना है। विशेष रूप से दिल्ली से पूर्वांचल के जिलों के साथ-साथ लखनऊ और कानपुर जैसे प्रमुख मार्गों पर बसों की संख्या बढ़ाई जाएगी।
परिवहन मंत्री ने सख्त निर्देश जारी करते हुए कहा है कि इस अवधि में केवल शत-प्रतिशत फिट बसों को ही रूट पर उतारा जाए और किसी भी अनफिट बस का संचालन न हो। इसके लिए बसों की तकनीकी जांच, मरम्मत और आवश्यक स्पेयर पार्ट्स की उपलब्धता पहले से ही सुनिश्चित करने के आदेश दिए गए हैं। त्योहारों के दौरान विशेष परिस्थितियों को छोड़कर अधिकारियों व कर्मचारियों के अवकाश पर रोक रहेगी। इसके अलावा, बस अड्डों पर यात्रियों की सुविधा के लिए पेयजल, स्वच्छता, बैठने की व्यवस्था, डिजिटल टाइम-टेबल और सहायता केंद्रों की उचित व्यवस्था की जाएगी। यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से चालकों की ब्रेथ एनालाइजर से नियमित जांच होगी ताकि कोई भी नशे की हालत में वाहन न चला सके।
परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक प्रभु नारायण सिंह ने बताया कि त्योहारों पर निरंतर सेवा देने वाले चालकों और परिचालकों के लिए विशेष प्रोत्साहन योजना लागू की गई है। 11 दिन तक प्रतिदिन औसतन 300 किलोमीटर बस चलाने वाले चालकों-परिचालकों को ₹4,400 तथा 12 दिन ड्यूटी करने वालों को ₹4,800 की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, संविदा और आउटसोर्सिंग कर्मियों को तय दूरी से ज्यादा बस चलाने पर 55 पैसे प्रति किलोमीटर का अतिरिक्त भुगतान भी मिलेगा। इलेक्ट्रिक बसों के चालकों को 11 दिनों में 3,300 किलोमीटर का सफर तय करने पर लगभग ₹1,000 अतिरिक्त दिए जाएंगे। वहीं, वर्कशॉप (कार्यशाला) में तैनात कर्मचारियों को भी 11 दिन की ड्यूटी पर ₹2,100 और 12 दिन की ड्यूटी पर ₹2,500 प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।

