राजनीतिक दलों पर तंज और समाजवादी पार्टी की रणनीति व चुनावी दावे
मतदाता सूची में गड़बड़ी के आरोप और चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल
लखनऊ: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक तीखी प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भारतीय जनता पार्टी और चुनाव आयोग पर गंभीर और तीखे हमले किए हैं। उन्होंने मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी करने, विपक्षी दलों के समर्थकों के नाम सूची से कटवाने और फर्जी वोट जुड़वाने के संगीन आरोप लगाए हैं। अपनी बात को तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि इस बार भाजपा का घड़ा नहीं, बल्कि ‘टैंकर’ फूटेगा और आगामी चुनावों में समाजवादी पार्टी पीडीए, मुस्लिम-यादव व युवा मतदाताओं के समर्थन से भारी जीत दर्ज करेगी।
अखिलेश यादव ने दावा किया कि सुनियोजित तरीके से मतदाता सूची में हेराफेरी की जा रही है, जिससे एक व्यक्ति के नाम पर कई फर्जी वोट दर्ज हो रहे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि “एक वोट व्यक्ति डालेगा और नौ वोट भाजपा डालेगी।” इस दौरान उन्होंने नंदलाल निषाद और अन्य नामों का जिक्र करते हुए सूची से जुड़ी गड़बड़ियों पर सवाल उठाए। साथ ही, उन्होंने सपा कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे अपने समर्थकों के वोट अवश्य जुड़वाएं और किसी भी मतदाता का नाम गलत तरीके से न कटने दें, जिसके लिए 17 और 24 तारीख बेहद महत्वपूर्ण हैं।
सपा प्रमुख ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि चुनाव आयोग की साख पूरी तरह से समाप्त हो चुकी है, क्योंकि आयोग कई मौकों पर सत्ताधारी दल के पक्ष में खड़ा नजर आया है। कुंदरकी उपचुनाव का हवाला देते हुए उन्होंने चुनावों में धांधली और प्रशासनिक पक्षपात के आरोप लगाए। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अखिलेश यादव ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी सरकार को आड़े हाथों लिया:
- उन्होंने विदेशों में नाविकों की मौतों और ईरान से जुड़े हालात का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति को विफल बताया और सरकार के ‘विश्वगुरु’ होने के दावों को खोखला करार दिया।
- सपा सरकार के कार्यकाल में बैंक शाखाओं के विस्तार का जिक्र करते हुए उन्होंने उत्तर प्रदेश से इलाहाबाद बैंक और त्योहारों के सीजन में एक अन्य बैंक के जाने पर चिंता जताई।
- लखनऊ के इकाना स्टेडियम और कैंसर अस्पताल के नामकरण पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने लोक भवन में अटल जी की प्रतिमा का जिक्र कर तंज कसा।

