मेडिकल कॉलेज से निकलने के बाद रची गई थी भागने की योजना
एक साल पुराना विवाद: एक लाख रुपये का ‘गुंडा टैक्स’ और धमकी भरा ऑडियो
लखनऊ। राजधानी लखनऊ के हजरतगंज स्थित प्रेमिका के अपार्टमेंट से गिरकर कारोबारी शिवा की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस की जांच लगातार नए मोड़ ले रही है। पुलिस को अंदेशा है कि इस घटना से जुड़े आरोपी बहराइच के रास्ते नेपाल भागने में सफल रहे हैं, जिनकी तलाश में पुलिस टीमें ताबड़तोड़ दबिश दे रही हैं।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, सोमवार को दुबग्गा निवासी आदिल और गढ़ी कनौरा निवासी तारिक के ठिकानों पर पुलिस ने छापेमारी की, लेकिन दोनों अपने घरों से नदारद मिले। परिजनों ने भी उनके बारे में कोई जानकारी होने से इनकार किया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि शिवा की मौत के तुरंत बाद ये सभी लोग मेडिकल कॉलेज के पास एकत्र हुए थे और वहीं से लखनऊ से फरार होने की रणनीति बनाई थी। पुलिस अब इनके तमाम संभावित ठिकानों और संपर्कों को खंगालने में जुटी हुई है।
जांच के दौरान एक साल पहले शिवा को दी गई धमकियों का मामला भी खुलकर सामने आया है। शिवा की मां रंजना ने बीते वर्ष 12 अगस्त 2025 को विभूतिखंड थाने में हिस्ट्रीशीटर ऋषभ राय और उसके साथियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
शिकायत के अनुसार, 11 अगस्त 2025 की रात किसान बाजार स्थित एक कैफे में ऋषभ राय ने अपने साथियों के साथ मिलकर शिवा के साथ अभद्रता की थी और दो दिन के भीतर एक लाख रुपये बतौर ‘गुंडा टैक्स’ देने की मांग की थी। पैसा न मिलने पर जान से मारने की धमकी दी गई थी। पुलिस के हाथ इस धमकी से जुड़ा एक ऑडियो भी लगा है, जिसकी फॉरेंसिक और तकनीकी जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि इस पुराने विवाद का शिवा की मौत से कोई सीधा ताल्लुक है या नहीं।
प्रेमिका के फ्लैट की सीसीटीवी फुटेज और जेवर चोरी का आरोप
घटनास्थल यानी शिवा की प्रेमिका श्रद्धा के फ्लैट से एक अहम सीसीटीवी फुटेज पुलिस के हाथ लगी है, जिसमें शिवा की गतिविधियां कैद हैं। पुलिस इस फुटेज के आधार पर घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने का प्रयास कर रही है। इसके साथ ही, छानबीन में यह बात भी सामने आई है कि श्रद्धा ने शिवा पर जेवर चोरी करने का गंभीर आरोप लगाया था। चर्चा यह भी है कि शिवा भारी कर्ज के दबाव में था और समय पर पैसे नहीं चुका पा रहा था। हालांकि, पुलिस का कहना है कि इन तमाम दावों और आरोपों की सत्यता गहन जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
फिलहाल, एएसपी/एसीपी रजनीश वर्मा के निर्देशन में तीन विशेष टीमों का गठन किया गया है जो आरोपियों की धरपकड़ में जुटी हैं। कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है, और पुलिस का दावा है कि सभी साक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए निष्पक्ष और सख्त कार्रवाई की जाएगी।

