मेरठ: नीला ड्रम हत्याकांड; सजा के इंतजार में जेल में गुमसुम बैठीं मुस्कान, कम किया खाना और पूजा-पाठ

Anoop

October 13, 2026

बेटी पीहू से मिलने की बार-बार जता रही इच्छा, परिवार से मिलने नहीं पहुंचा कोई परिजन

आज तय होगी सजा, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग या कोर्ट में पेशी पर संशय, कड़ी सुरक्षा और निगरानी

मेरठ। चर्चित मेरठ ‘नीला ड्रम हत्याकांड’ में अदालत आज दोषी मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला की सजा पर फैसला सुनाएगी। इस बीच, जिला कारागार में बंद मुस्कान की मनोदशा को लेकर अहम जानकारियां सामने आई हैं। सजा के खौफ और अनिश्चितता के बीच मुस्कान काफी गुमसुम और बेचैन नजर आ रही है।

जेल प्रशासन के मुताबिक, दोषी करार दिए जाने के बाद से मुस्कान ने अपनी दिनचर्या में काफी बदलाव कर लिया है। वह अब पहले की तुलना में बहुत कम बात करती है, एकांत में रहती है और उसने खाना तथा पूजा-पाठ भी काफी कम कर दिया है। जेल अधिकारियों का कहना है कि उसे सबसे ज्यादा चिंता अपनी बड़ी बेटी पीहू से मिलने की सता रही है। जब भी बंदियों की परेड होती है या जेल अधिकारी बैरकों का मुआयना करते हैं, वह लगातार अपनी बेटी से मिलाने की गुहार लगाती है। हालांकि, जेल प्रशासन के पास बच्ची का कोई संपर्क नंबर या सटीक पता उपलब्ध न होने के कारण फिलहाल मुलाकात संभव नहीं हो पा रही है। जेल मैनुअल के तहत उसे परिजनों को पत्र लिखकर मिलने की व्यवस्था के बारे में बता दिया गया है।

जेल रिकॉर्ड के मुताबिक, मुस्कान से मिलने के लिए अभी तक उसका कोई भी परिजन जेल नहीं पहुंचा है। वहीं, उसके सह-आरोपी और प्रेमी साहिल शुक्ला से मिलने पूर्व में उसका भाई आता रहा है, हालांकि पिछले डेढ़ सप्ताह से उससे मिलने भी कोई नहीं आया है।

ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र के इंदिरा नगर में सौरभ राजपूत की नृशंस हत्या के मामले में अदालत पहले ही मुस्कान और साहिल को दोषी करार दे चुकी है। आज दोनों की सजा पर अंतिम मुहर लगेगी। हालांकि, सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को लेकर यह स्पष्ट नहीं था कि दोनों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश किया जाएगा या अदालत में शारीरिक रूप से हाजिर किया जाएगा। जेल प्रशासन का कहना है कि न्यायालय से जैसे निर्देश मिलेंगे, उसी अनुरूप सख्त सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित किए जाएंगे।

जेल प्रशासन ने दोनों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। महिला बैरक और पुरुष बैरकों में सीसीटीवी कैमरों के साथ-साथ जेल कर्मचारियों और मेडिकल स्टाफ की टीम नियमित रूप से उनके स्वास्थ्य व गतिविधियों पर नजर रख रही है। दूसरी ओर, मृतक सौरभ के भाई राहुल उर्फ बबलू समेत पूरे परिवार ने दोनों दोषियों के लिए अदालत से मृत्युदंड (फांसी) की मांग की है, जिससे सभी की निगाहें आज के इस अहम फैसले पर टिकी हुई हैं।

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