राजस्व मामलों के त्वरित निस्तारण और तकनीक के प्रयोग पर जोर
ऑनलाइन डीपीसी से कार्मिक प्रबंधन में पारदर्शिता और तेजी
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में प्रशासनिक सुधारों और जनसुविधाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से तकनीक के अधिकतम प्रयोग पर विशेष बल दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार राजस्व से जुड़े मामलों के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के साथ-साथ सरकारी प्रक्रियाओं को डिजिटल और सुलभ बनाने के निर्देश दे रहे हैं। इसी प्रतिबद्धता के तहत कार्मिक प्रबंधन में भी व्यापक बदलाव देखने को मिल रहे हैं। हाल ही में मानव संपदा पोर्टल के जरिए संपन्न हुई ऑनलाइन डीपीसी (विभागीय चयन समिति) की प्रक्रिया इसी डिजिटल पहल का एक प्रमुख उदाहरण है।
ऑनलाइन डीपीसी के माध्यम से पदोन्नति प्रक्रिया में पूरी निष्पक्षता, पारदर्शिता और गति आई है, जिससे अब विभागीय कार्यों में भी तेजी आने की उम्मीद है। तकनीक के इस प्रभावी इस्तेमाल से जहां एक ओर मानवीय दखल और देरी की गुंजाइश खत्म हो रही है, वहीं दूसरी ओर योग्य अधिकारियों को समय पर पदोन्नति मिल रही है। राज्य सरकार का मानना है कि इस तरह के डिजिटल सुधारों से न केवल प्रशासनिक ढांचे को मजबूती मिलेगी, बल्कि आम जनता के राजस्व व विकास से जुड़े कार्यों का निस्तारण भी अधिक पारदर्शिता और तत्परता के साथ हो सकेगा।

