68,500 सहायक शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों ने 5% आरक्षण छूट और संशोधित परिणाम की मांग को लेकर लखनऊ में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के आवास का घेराव किया
अधिकारियों और शिक्षा मंत्री द्वारा मामले को मुख्यमंत्री के समक्ष रखने का आश्वासन मिलने के बाद भी कोई कार्रवाई न होने पर अभ्यर्थियों ने यह कदम उठाया; उनका आंदोलन ईको गार्डन में जारी
लखनऊ। 68,500 सहायक शिक्षक भर्ती के आरक्षण संबंधी विवाद को लेकर लखनऊ में शनिवार को अभ्यर्थियों ने उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के आवास का घेराव किया। अभ्यर्थियों का कहना है कि पिछली बैठक में यह तय हुआ था कि इस मामले पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के स्तर से अंतिम निर्णय लिया जाएगा, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई न होने से नाराज होकर उन्हें यह कदम उठाना पड़ा। अभ्यर्थियों ने राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के आदेश का अनुपालन करते हुए ओबीसी (OBC) वर्ग को आरक्षित श्रेणी में मानने, 150 में से 60 अंक (40 प्रतिशत) के आधार पर संशोधित परिणाम जारी करने और सभी पात्र अभ्यर्थियों को तत्काल नियुक्ति देने की मांग रखी है।
आंदोलन की अगुवाई कर रहे तूफान सिंह ने बताया कि बीते 10 सितंबर को बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन ने स्पष्ट किया था कि ओबीसी वर्ग को 5 प्रतिशत की छूट मिलनी चाहिए थी और उन्हें आरक्षित श्रेणी में रखा जाना चाहिए था। हालांकि, ऐसा किए बिना ही विज्ञापन जारी कर भर्ती पूरी कर ली गई और नियुक्तियां भी दे दी गईं। भर्ती प्रक्रिया को करीब सात वर्ष बीत चुके हैं, इसलिए अधिकारियों का मानना है कि अब इस मामले में मुख्यमंत्री स्तर से ही अंतिम और सकारात्मक फैसला लिया जा सकता है। बेसिक शिक्षा मंत्री द्वारा मुख्यमंत्री से वार्ता के दिए गए आश्वासन पर अमल न होने के कारण अभ्यर्थियों ने यह विरोध जताया। वहीं दूसरी ओर, अपने अधिकारों और न्याय की मांग को लेकर आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों का अनवरत आंदोलन लखनऊ के ईको गार्डन में भी लगातार जारी है।

