बसपा ने आगामी विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों के तहत संगठनात्मक गतिविधियों को तेज करते हुए सर्वसमाज को जोड़ने का अभियान शुरू किया है
बसपा प्रमुख मायावती ने पार्टी महासचिव सतीश चंद्र मिश्र को लीगल और मीडिया के साथ-साथ चुनाव आयोग से जुड़े कार्यों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है
लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों के तहत बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने अपनी संगठनात्मक गतिविधियों को काफी तेज कर दिया है। पार्टी का मुख्य ध्यान सर्वसमाज को एकजुट करने और विधानसभा स्तर पर कार्यकर्ता सम्मेलनों के माध्यम से उम्मीदवारों के चयन एवं घोषणा पर केंद्रित है। इसी कड़ी में बसपा सुप्रीमो मायावती ने पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्र की जिम्मेदारियों का विस्तार करते हुए उन्हें लीगल और मीडिया कार्यों के साथ-साथ चुनाव आयोग से जुड़े महत्वपूर्ण कामकाज की भी जिम्मेदारी सौंपी है।
मायावती ने बताया कि आगामी विधानसभा चुनाव में सतीश चंद्र मिश्र की भूमिका बहुआयामी रहेगी। उन्होंने कहा कि वर्ष 2007 की तर्ज पर पार्टी सभी वर्गों, विशेषकर ब्राह्मण समाज को जोड़कर पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने की दिशा में काम कर रही है। जैसे ही पार्टी ने उम्मीदवारों के चयन और घोषणा की प्रक्रिया शुरू की है, विपक्षी दलों में हलचल मच गई है। मायावती ने अपने समर्थकों को विरोधियों के राजनीतिक हथकंडों से सावधान रहने की सलाह दी है।
सतीश चंद्र मिश्र लंबे समय से बसपा के प्रमुख रणनीतिकार और राष्ट्रीय महासचिव रहे हैं। वह बसपा शासनकाल में उत्तर प्रदेश के महाधिवक्ता, राज्य बार काउंसिल के अध्यक्ष, कैबिनेट मंत्री और राज्यसभा सांसद रह चुके हैं। कानूनी और प्रशासनिक मामलों में विशेषज्ञता के कारण चुनाव प्रबंधन और चुनाव आयोग संबंधी प्रक्रियाओं में उनके दीर्घकालिक अनुभव का उपयोग किया जा रहा है।

