कला एवं शिल्प महाविद्यालय में ‘ड्रग फ्री इंडिया’ विषय पर पोस्टर प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें लगभग 40 से 50 छात्र-छात्राओं ने कला के माध्यम से नशामुक्ति और स्वस्थ समाज का संदेश दिया
संस्थान के आचार्यों ने विद्यार्थियों की रचनात्मक अभिव्यक्ति को सराहा और उन्हें समाज में सकारात्मक बदलाव लाने व नशामुक्त भारत के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया
लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित कला एवं शिल्प महाविद्यालय में ‘ड्रग फ्री इंडिया’ (नशामुक्त भारत) विषय पर एक विशेष पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य युवाओं और विद्यार्थियों के बीच नशे के गंभीर दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता बढ़ाना और कलात्मक अभिव्यक्ति के ज़रिए समाज को नशामुक्त जीवन का संदेश देना था।
कार्यक्रम के दौरान ललित कला विभाग के प्रधानाचार्य एवं विभागाध्यक्ष आचार्य डॉ. रतन कुमार तथा आचार्य आलोक कुमार ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उनका मार्गदर्शन किया। उन्होंने कहा कि कलाकार अपनी कला और रचनात्मकता के माध्यम से समाज की सोच बदलने तथा सकारात्मक बदलाव लाने की क्षमता रखते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे अपनी कला का उपयोग नशे से होने वाली सामाजिक और व्यक्तिगत क्षति के प्रति लोगों को जागरूक करने और नशामुक्त भारत के निर्माण में करें।
इस प्रतियोगिता में महाविद्यालय के लगभग 40 से 50 छात्र-छात्राओं ने पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया। प्रतिभागियों ने अपनी तूलिका और रंगों के माध्यम से नशे के घातक परिणामों, नशा मुक्ति और स्वस्थ व सशक्त समाज की कल्पना को बेहद प्रभावशाली ढंग से कैनवास पर उकेरा। आयोजन ने यह सिद्ध किया कि कला केवल सौंदर्य का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक संदेश पहुँचाने का एक सशक्त जरिया भी है।

