राष्ट्रीय संपत्तियों को बेचने की जगह रोजगार दे सरकार: मायावती

Anoop

August 10, 2026

पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने बेरोजगारी, महंगाई, अशिक्षा और भ्रष्टाचार पर दुख जताया, केंद्र व राज्य सरकारों पर तीखा हमला बोला

सोमवार को जारी अपने बयान में उन्होंने मांग की है कि सरकारें राष्ट्रीय संपत्तियों को निजी हाथों में बेचना तुरंत बंद करें

लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने देश में बढ़ती बेरोजगारी, महंगाई, अशिक्षा और भ्रष्टाचार पर गहरा दुख जताते हुए केंद्र व राज्य सरकारों की उदासीनता पर तीखा हमला बोला है। सोमवार को जारी अपने बयान में उन्होंने मांग की है कि सरकारें राष्ट्रीय संपत्तियों को निजी हाथों में बेचना तुरंत बंद करें और सरकारी विभागों में खाली पड़े लाखों पदों पर बिना किसी पेपर लीक या भ्रष्टाचार के पारदर्शी व समयबद्ध भर्तियां शुरू करें।

बसपा सुप्रीमो ने जंतर-मंतर पर युवाओं और छात्रों के 36 दिनों के आंदोलन का उल्लेख करते हुए कहा कि इस प्रदर्शन ने बेरोजगारी और जनसमस्याओं को राष्ट्रीय विमर्श के केंद्र में ला खड़ा किया है। उन्होंने सरकारों को मुनाफाखोरी की व्यापारिक सोच छोड़कर संविधान की मानवतावादी और कल्याणकारी नीति लागू करने की सलाह दी। मायावती ने कहा कि ‘एक परिवार, एक सरकारी नौकरी’ का नियम लागू करने से देश के करोड़ों गरीबों, श्रमिकों और विशेष रूप से एससी, एसटी व ओबीसी समाज को आर्थिक संबल और सांविधानिक आत्म-सम्मान मिलेगा। उन्होंने कहा कि ‘हर हाथ को काम’ देने वाली नीति ही मौजूदा जनसमस्याओं की असली दवा है।

अपने राजनीतिक हमले में मायावती ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और आम आदमी पार्टी (आप) दोनों से जनता को सतर्क रहने की नसीहत दी। दिल्ली के तुगलकाबाद में संत गुरु रविदास जी के गुरुघर से जुड़े घटनाक्रम का जिक्र करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों दल श्रद्धालुओं की भावनाओं से खिलवाड़ कर राजनीतिक लाभ साधने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने जनता से ऐसे चुनावी हथकंडों से सावधान रहने की अपील की।

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