मेरठ से एक ऐसा खौफनाक मामला सामने आया है जिसने रिश्तों को शर्मसार कर दिया है
निजी बैंक के एरिया मैनेजर ने अपनी प्रेमिका के 6 साल के मासूम की बेरहमी से हत्या की
मेरठ। उत्तर प्रदेश के मेरठ से एक ऐसा खौफनाक मामला सामने आया है जिसने रिश्तों को शर्मसार कर दिया है। यहाँ एक निजी बैंक (HDFC) के एरिया मैनेजर अर्पित पाराशर ने अपनी प्रेमिका के महज़ 6 साल के मासूम बेटे अंगदवीर की बेरहमी से हत्या कर दी। इस रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात को सिर्फ इसलिए अंजाम दिया गया क्योंकि मासूम ने अपनी मां और आरोपी को एक साथ देख लिया था, और आरोपी को डर था कि बच्चा इस राज को सबके सामने खोल देगा।
कैसे खुली प्रेम संबंध की पोल और कैसे बनी हत्या की वजह?
पुलिस की कड़ाई से हुई पूछताछ में आरोपी अर्पित पाराशर ने जो खुलासे किए, वे बेहद चौंकाने वाले हैं। दरअसल, मासूम अंगदवीर के पिता गुरुसेवक पिछले 6 साल से सऊदी अरब में ट्रक चलाते हैं। इसी बीच अंगदवीर की मां गुरप्रीत कौर के संबंध हापुड़ में तैनात बैंक मैनेजर अर्पित पाराशर से हो गए। गुरप्रीत अपने पति से तलाक चाहती थी और परिवार पर लगातार इसका दबाव बना रही थी।
बीते रविवार को जब अर्पित अपनी प्रेमिका गुरप्रीत से मिलने उसके घर आया था, तब 6 साल के अंगदवीर ने दोनों को एक साथ देख लिया। अर्पित की शादी अभी 6 महीने पहले ही हुई थी। उसे डर सताने लगा कि मासूम अंगदवीर यह बात अपने दादा-दादी या पिता को बता देगा। इसी राज के खुलने के डर से उसने मासूम को हमेशा के लिए रास्ते से हटाने की खौफनाक साजिश रच डाली।
घड़ी दिलाने का झांसा देकर अपहरण, फिर जंगल में बेरहमी से कत्ल
मंगलवार को आरोपी अर्पित अपनी वैगनआर कार लेकर बहसूमा थाना क्षेत्र के रामराज स्थित बच्चे के घर के बाहर पहुंचा। उसने अंगदवीर को नई घड़ी दिलाने का लालच दिया और कार में बैठाकर अगवा कर लिया। यह पूरी घटना पास में लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरे में कैद हो गई, जिसके आधार पर पुलिस ने तफ्तीश शुरू की।
आरोपी बच्चे को अगवा कर करीब 24 किलोमीटर दूर हस्तिनापुर के भद्रकाली मंदिर के पास वन क्षेत्र (जंगल) में ले गया। उसने कुबूल किया कि:
- बच्चे की चीख दबाने के लिए उसने अंगदवीर की ही पगड़ी से उसका मुंह बंद कर दिया।
- इसके बाद चाकू से मासूम के हाथ की नस काट दी।
- तड़पते हुए बच्चे का बेरहमी से गला रेतकर उसे मौत के घाट उतार दिया और शव को झाड़ियों में फेंक दिया।
8 घंटे तक पुलिस को करता रहा गुमराह
वारदात के बाद जब बच्चे की दादी बलजिंदर कौर ने नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई, तो पुलिस ने बुधवार को आरोपी अर्पित को मीरापुर के भूमा रोड से दबोच लिया। हालांकि, गिरफ्तारी के बाद आरोपी करीब 8 घंटे तक पुलिस को गुमराह करता रहा। उसने पहले झूठ बोला कि उसने बच्चे को परीक्षितगढ़ की नहर में फेंक दिया है, जिसके चलते पुलिस और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमें सुबह से नहर में खाक छानती रहीं। लेकिन जब पुलिस ने सख्ती दिखाई तो वह टूट गया और उसने हस्तिनापुर के जंगल का सच उगल दिया। पुलिस ने मौके पर जाकर शव बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
बुझ गया घर का इकलौता चिराग
मृतक अंगदवीर के दादा दिलबाग सिंह ने रुंधे गले से बताया कि गुरप्रीत ने अपने इस इकलौते बेटे को कभी ठीक से संभाला भी नहीं था, उसका पालन-पोषण उसकी छोटी बुआ नवनीत ने किया था। पूरा परिवार पटियाला शिफ्ट होने की तैयारी कर रहा था, लेकिन उससे पहले ही यह वज्रपात हो गया। फिलहाल पुलिस इस मामले में प्रेमिका गुरप्रीत कौर की संलिप्तता की भी जांच कर रही है और आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
