राज्य मंत्री, खाद्य एवं रसद विभाग सतीश चंद्र शर्मा ने किया शुभारंभ
तीन नए फोर्टिफाइड राइस (Fortified Rice) ब्रांड्स को बाजार में लांच
लखनऊ | उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में मंगलवार को पोषण सुरक्षा की दिशा में एक क्रांतिकारी शुरुआत हुई। राज्य में कुपोषण और एनीमिया (खून की कमी) के खिलाफ जंग को और मजबूत करने के लिए तीन नए फोर्टिफाइड राइस (Fortified Rice) ब्रांड्स को बाजार में उतारा गया। यह पहल न केवल स्वास्थ्य क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगी, बल्कि आम नागरिक की रसोई तक जरूरी सूक्ष्म पोषक तत्वों की पहुंच भी सुनिश्चित करेगी।
बाजार में उतरे तीन नए स्वदेशी ब्रांड
राज्य स्तरीय उद्योग कार्यशाला के दौरान तीन प्रमुख मिलर्स ने अपने पौष्टिक चावल ब्रांड्स का औपचारिक शुभारंभ किया। एसआरएस न्यूट्री क्राउन (श्री राम फूड्स), न्यूट्री प्रो (विस्तार एक्स, ग्रेनोवा पोषण राइस (जैन इंडस्ट्रीज)।
PDs के बाहर पहली बार खुले बाजार में पहुंच
अब तक फोर्टिफाइड चावल मुख्य रूप से सरकारी योजनाओं, जैसे सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) और मिड-डे मील तक सीमित था। लेकिन, खाद्य एवं रसद विभाग तथा ‘मिलर्स फॉर न्यूट्रिशन’ के साझा प्रयासों से अब यह चावल खुले बाजार (ओपन मार्केट) में भी उपलब्ध होगा। इससे मध्यम और उच्च आय वर्ग के उपभोक्ता भी अपनी पसंद से पोषण युक्त चावल खरीद सकेंगे।

चावल में छिपा है ‘सेहत का पंच‘
विशेषज्ञों के अनुसार, इन ब्रांड्स के चावल में पाँच महत्वपूर्ण सूक्ष्म पोषक तत्व (Micro-nutrients) मिलाए गए हैं। आयरन: एनीमिया को रोकने और खून बढ़ाने में सहायक। जिंक: रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) को मजबूत करने के लिए। विटामिन B-3: ऊर्जा के स्तर और मस्तिष्क की कार्यप्रणाली के लिए। विटामिन B-9 (फॉलिक एसिड): कोशिकाओं के विकास और गर्भावस्था में महत्वपूर्ण। विटामिन B-12: नर्वस सिस्टम को स्वस्थ रखने के लिए।
राज्य मंत्री, खाद्य एवं रसद विभाग सतीश चंद्र शर्मा ने कहा कि “फोर्टिफाइड चावल की बाजार में उपलब्धता पोषण संबंधी कमियों को दूर करने की दिशा में एक व्यावहारिक और सराहनीय पहल है। बिना खान-पान की आदतों को बदले, स्वस्थ भारत का सपना इसके माध्यम से पूरा किया जा सकता है।”
विशेषज्ञों की राय: आदतों को बदले बिना बेहतर स्वास्थ्य
कार्यक्रम में टेक्नोसर्व के मनोजित इंद्राने और ‘मिलर्स फॉर न्यूट्रिशन’ के अभिषेक शुक्ला ने बताया कि चूंकि चावल भारत में सबसे अधिक खाया जाने वाला अनाज है, इसलिए इसे फोर्टिफाई करना सबसे प्रभावी तरीका है। उद्योग जगत के प्रतिनिधियों—ऋषभ जैन, शुभांशु शुक्ला और तरुण गोयल—ने जोर देकर कहा कि यह उपभोक्ताओं को बिना किसी अतिरिक्त प्रयास के बेहतर पोषण देने का एक सुलभ माध्यम बनेगा।
इस कार्यशाला में सरकारी अधिकारियों, वैज्ञानिकों और पोषण विशेषज्ञों ने एक सुर में इस कदम को जनस्वास्थ्य के लिए एक बड़ी जीत बताया।

