सीएम बोले- 1 ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी और नगर निकायों की भूमिका
स्वच्छता रैंकिंग में लखनऊ की छलांग, नागरिकों से सहयोग की अपील
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजधानी लखनऊ को एक बड़ी सौगात देते हुए 413 करोड़ रुपये की लागत वाली 342 जनकल्याणकारी परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस खास मौके पर उन्होंने ‘हमारे सपनों का लखनऊ, स्वच्छ-सुन्दर-समर्थ लखनऊ’ नाम की एक विशेष पुस्तिका का विमोचन भी किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने लखनऊ नगर निगम की पिछले तीन साल की विकास यात्रा पर बनी एक लघु फिल्म देखी और वहां लगी प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया।
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि शहरों में जितनी बेहतर और आधुनिक सुविधाएं होंगी, राज्य उतनी ही तेजी से 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के लक्ष्य की ओर बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश को आत्मनिर्भर और विकसित बनाने के लिए शहरों का सुव्यवस्थित होना बेहद जरूरी है। इसी संकल्प के साथ लखनऊ नगर निगम नागरिक सुविधाओं और सुरक्षा का एक बेहतर माहौल तैयार करने के लिए लगातार काम कर रहा है।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी 17 नगर निगमों, 200 नगर पालिका परिषदों और 545 नगर पंचायतों के सफल 3 साल का कार्यकाल पूरा होने पर सभी जनप्रतिनिधियों को बधाई दी। उन्होंने विशेष रूप से लखनऊ नगर निगम को देश के स्वच्छता सर्वेक्षण में तीसरा स्थान मिलने पर बधाई दी और कहा कि अब हमारा लक्ष्य इसे नंबर वन पर लाना है।
योगी आदित्यनाथ ने जोर देकर कहा कि स्वच्छता केवल मेयर, पार्षद या सफाई कर्मचारियों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह हर नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे घर का कूड़ा सीधे कूड़ेदान में ही डालें, गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग रखें, प्लास्टिक का इस्तेमाल पूरी तरह बंद करें और नालियों में कचरा न फेंकें।
कूड़े के ढेर से ‘राष्ट्र प्रेरणा स्थल‘ तक का सफर
मुख्यमंत्री ने बताया कि आज जहां भव्य ‘राष्ट्र प्रेरणा स्थल’ बनकर तैयार हुआ है, वहां पिछले तीन दशकों से शहर का कूड़ा डंप किया जाता था। आज वह जगह एक बेहतरीन केंद्र में बदल चुकी है। वहां डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय और श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी की विशाल प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। यह स्थल न केवल एक प्रेरणा केंद्र है, बल्कि यहां बड़ी रैलियों के आयोजन के लिए एक विशाल मंच और म्यूजियम भी बनाया गया है।
100 साल बाद नया नगर निगम भवन और मॉडल गौशाला
लखनऊ के विकास का जिक्र करते हुए सीएम ने बताया कि करीब 100 साल बाद नगर निगम, लखनऊ के अपने भव्य नए भवन के निर्माण की शुरुआत हो चुकी है। इसके साथ ही शहर में एक मॉडल गौशाला बनाई जा रही है। यह गौशाला ‘वेस्ट टू वेल्थ’ (कचरे से कंचन) का एक अनोखा उदाहरण बनेगी, जहां गौसेवा के साथ-साथ सीएनजी (CNG) गैस का निर्माण, कंपोस्ट खाद और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जाएगा। स्मार्ट सिटी मिशन और ‘सीएम ग्रिड योजना’ के तहत बनने वाली आधुनिक सड़कें भी देश के सामने एक मॉडल पेश करेंगी, जिनमें बार-बार खुदाई से बचने के लिए खास यूटिलिटी डक्ट बनाए जा रहे हैं।
वैश्विक ऊर्जा संकट और बिजली बचाने की भावुक अपील
मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में वर्तमान में चल रहे वैश्विक ऊर्जा संकट का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अमेरिका-ईरान युद्ध के कारण दुनिया भर में ईंधन की सप्लाई प्रभावित हुई है और कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं। भारत अपनी 90 प्रतिशत से अधिक जरूरतों के लिए आयातित कच्चे तेल पर निर्भर है, इसलिए इस संकट का असर यहां भी दिख रहा है।
उत्तर प्रदेश में हाल के दिनों में बढ़े बिजली संकट पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि अचानक गर्मी बढ़ने और कुछ थर्मल पावर प्लांटों में तकनीकी खराबी (शटडाउन) के कारण उत्पादन में कमी आई है। उन्होंने आंकड़ों के जरिए बताया कि साल 2017 तक उत्तर प्रदेश में पीक आवर की बिजली सप्लाई केवल 15-16 हजार मेगावाट होती थी, जो आज बढ़कर 32-33 हजार मेगावाट तक पहुंच चुकी है।
पहले राज्य में सिर्फ 6 हजार मेगावाट बिजली बनती थी, जबकि आज पॉवर कॉरपोरेशन के प्रयासों से 13 हजार मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है और रिन्यूएबल एनर्जी (नवीकरणीय ऊर्जा) का उत्पादन भी 10 हजार मेगावाट तक बढ़ गया है।
मुख्यमंत्री ने भावुक अपील करते हुए कहा, “यह संकट किसी एक व्यक्ति का नहीं, हम सबका है। हमें किसी के बहकावे या अफवाहों में नहीं आना चाहिए। मेरा सभी प्रदेशवासियों से अनुरोध है कि जितनी जरूरत हो, उतनी ही बिजली का इस्तेमाल करें। घरों में बेवजह एसी, पंखे या सजावटी लाइटें चालू न रखें। नगर निकायों और पंचायतों की भी जिम्मेदारी है कि वे बिजली की बचत करें।”
बिना भेदभाव के हर गरीब को मिल रहा योजनाओं का लाभ
डबल इंजन सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में बिना किसी जाति, मत या मजहब के भेदभाव के 65 लाख गरीबों को पक्के आवास दिए गए हैं। इसके साथ ही पौने तीन करोड़ शौचालय, 16 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन और आयुष्मान योजना का लाभ मिला है। युवाओं के भविष्य के लिए सरकार ने 9 लाख सरकारी नौकरियां दी हैं और 3 करोड़ नागरिकों को एमएसएमई (MSME) सेक्टर से जोड़कर रोजगार से आत्मनिर्भर बनाया है।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर जानकारी दी कि जब तक ‘उत्तर प्रदेश राज्य स्थानीय ग्रामीण निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग’ अपनी आरक्षण की प्रक्रिया को पूरा नहीं कर लेता, तब तक के लिए ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 6 महीने के लिए बढ़ा दिया गया है।
इस भव्य कार्यक्रम को वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, नगर विकास मंत्री अरविंद कुमार शर्मा और लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल ने भी संबोधित किया। इस मौके पर परिवहन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह और सांसद बृजलाल सहित कई अन्य जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।

