“आकाशवाणी ने ‘जो जैसा है, उसे वैसा ही प्रस्तुत करने’ का साहस दिखाया है: सीएम योगी

Prashant

April 3, 2026

सीएम योगी ने पद्म पुरस्कारों से सम्मानित विभूतियों व आकाशवाणी के वरिष्ठ प्रसारकों को सम्मानित किया

आकाशवाणी लखनऊ के 89वें स्थापना दिवस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया संबोधित 

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आकाशवाणी लखनऊ के 89वें स्थापना दिवस और सांस्कृतिक संध्या समारोह को संबोधित करते हुए इसे समाज को जोड़ने और भारत की आस्था को सम्मान देने का एक सशक्त माध्यम बताया। इस अवसर पर उन्होंने पद्म पुरस्कारों से सम्मानित विभूतियों और आकाशवाणी के वरिष्ठ प्रसारकों को सम्मानित भी किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2 अप्रैल, 1938 को तत्कालीन संयुक्त प्रांत के प्रीमियर पंडित गोविंद बल्लभ पंत द्वारा स्थापित इस केंद्र ने अपने 88 वर्षों के शानदार सफर में संवाद की ताकत को नई ऊंचाइयां दी हैं। उन्होंने याद दिलाया कि आकाशवाणी लखनऊ से गूंजने वाली पहली धुन ‘वंदे मातरम’ थी। उस दौर में जब संचार के साधन सीमित थे, आकाशवाणी गांव-गांव तक पहुंचने वाला एकमात्र माध्यम था, जिसकी शुरुआत अक्सर ‘भरत चले चित्रकूट’ जैसे भक्तिपूर्ण कार्यक्रमों से होती थी।

विश्वसनीयता और भाषा की शुद्धता

योगी आदित्यनाथ ने आकाशवाणी की पत्रकारिता की सराहना करते हुए कहा कि इसके समाचारों में गुणवत्ता, भाषा की शुद्धता और सच्चाई झलकती है। उन्होंने कहा “आकाशवाणी ने ‘जो जैसा है, उसे वैसा ही प्रस्तुत करने’ का साहस दिखाया है। इसमें पीत पत्रकारिता का कोई स्थान नहीं है।”आकाशवाणी ने न केवल सूचनाएं दीं, बल्कि भोजपुरी, अवधी, गढ़वाली और कुमांऊनी जैसी बोलियों को लोकप्रिय बनाकर स्थानीय लोक कलाओं और कलाकारों को एक वैश्विक मंच प्रदान किया।

‘मन की बात’ और ‘देश प्रथम’ की भावना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम ‘मन की बात’ का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 3 अक्टूबर, 2014 से शुरू हुए इस कार्यक्रम के 132 एपिसोड पूरे हो चुके हैं। यह कार्यक्रम ‘देश प्रथम’ की भावना का प्रतीक है, जिसके माध्यम से प्रधानमंत्री समाज के गुमनाम नायकों और विकसित भारत की संकल्पना को प्रोत्साहित करते हैं।

ऐतिहासिक घटनाओं का साक्षी

मुख्यमंत्री ने कहा कि आकाशवाणी स्वतंत्रता संग्राम से लेकर आपातकाल, और विभाजन की त्रासदी से लेकर श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन जैसे बड़े सांस्कृतिक घटनाक्रमों का जीवंत गवाह रहा है। आज जब अयोध्या में भव्य मंदिर के दर्शन हो रहे हैं, तो आकाशवाणी द्वारा किए गए इसके सजीव प्रसारणों की यादें ताजा हो जाती हैं।

विभूतियों का सम्मान

समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों के दिग्गजों को सम्मानित किया, जिनमें शामिल हैं। साहित्य व राजनीति: श्री हृदय नारायण दीक्षित, डॉ. विद्या विन्दु सिंह। चिकित्सा: डॉ. मंसूर हसन, प्रो. सोनिया नित्यानंद, डॉ. आर.के. धीमन, डॉ. सुनील प्रधान। कला व खेल: श्रीमती मालिनी अवस्थी (लोकगायन), डॉ. अनिल रस्तोगी (रंगमंच), सुश्री अरुणिमा सिन्हा (पर्वतारोहण)। कृषि: श्री रामसरन वर्मा।

अंत में, मुख्यमंत्री ने प्रसार भारती और आकाशवाणी लखनऊ की टीम को बधाई दी कि उन्होंने अपनी ‘नींव के पत्थरों’ (वरिष्ठ प्रसारकों) को याद किया और सम्मानित किया। इस अवसर पर महापौर सुषमा खर्कवाल, प्रसार भारती के CEO गौरव द्विवेदी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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