उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजधानी के लोक भवन में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में
डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के 665 नवचयनित नर्सिंग अधिकारियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजधानी के लोक भवन में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के 665 नवचयनित नर्सिंग अधिकारियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश की बदलती तस्वीर और सरकारी भर्तियों में पारदर्शिता का पुरजोर समर्थन किया।
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि प्रदेश में नियुक्तियां पूरी तरह से मेरिट और आरक्षण नियमों के पालन के साथ संपन्न हो रही हैं। उन्होंने कहा कि विगत 9 वर्षों में 9 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है। भर्तियों में किसी भी प्रकार का मानवीय हस्तक्षेप समाप्त कर दिया गया है ताकि मेधावी युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ न हो। भ्रष्टाचार और अपराध के प्रति सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अडिग है।
नर्सिंग अधिकारियों की भूमिका को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉक्टर सलाह देते हैं, लेकिन चिकित्सीय सेवा की असली रीढ़ नर्सिंग और पैरामेडिकल स्टाफ होता है। आर.एम.एल. संस्थान का विकास: कभी शिशु अवस्था में रहा यह संस्थान आज मॉडर्न टर्शियरी हेल्थकेयर का बेहतरीन केंद्र बन चुका है। यहाँ 350 से अधिक रोबोटिक सर्जरी और प्रदेश का पहला गामा नाइफ स्थापित हो चुका है। नर्सिंग शिक्षा का विस्तार: सरकार 31 बंद पड़े नर्सिंग कॉलेजों को फिर से शुरू कर रही है ताकि कुशल प्रोफेशनल्स तैयार हो सकें।
मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश के आर्थिक कायाकल्प का विवरण देते हुए कहा कि जो राज्य कभी ‘बीमारू’ था, वह आज देश की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन बन गया है। इसका लोकार्पण कल प्रधानमंत्री द्वारा किया गया, जिससे 1 लाख युवाओं को रोजगार मिलेगा। जेवर क्षेत्र में मेडिकल डिवाइस पार्क, फिल्म सिटी और उत्तर भारत की सबसे बड़ी सेमीकंडक्टर यूनिट स्थापित हो रही है।
उत्तर प्रदेश आज देश की टॉप-3 अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और प्रति व्यक्ति आय 2016 की तुलना में तीन गुना बढ़ी है। गल्फ वॉर और वैश्विक अस्थिरता का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां दुनिया में पेट्रोलियम उत्पादों के दाम आसमान छू रहे हैं, वहीं भारत में प्रधानमंत्री मोदी के विजनरी नेतृत्व में एक्साइज ड्यूटी कम कर 145 करोड़ जनता को राहत दी गई है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि “नर्सिंग प्रोफेशनल्स को केवल प्रोफेशनल दक्षता ही नहीं, बल्कि ‘ह्यूमन टच’ और संवेदनशीलता के साथ मरीजों की सेवा करनी चाहिए।” कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि प्रदेश में आज 81 मेडिकल कॉलेज हैं और हर कॉलेज के साथ नर्सिंग व पैरामेडिकल कॉलेज जोड़ने का लक्ष्य है। कार्यक्रम में राज्यमंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह समेत चिकित्सा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और कुलपति उपस्थित रहे।

