ऋषि परंपरा और प्रकृति के चक्र का उत्सव: उपमुख्यमंत्री
भारतीय कालगणना ही विश्व की सबसे वैज्ञानिक पद्धति: डॉ. नीरज सिंह
लखनऊ। भारतीय संस्कृति के संवर्धन और विक्रम संवत 2083 के भव्य स्वागत के निमित्त ‘भारतीय नववर्ष महोत्सव समिति’ द्वारा बुधवार को निराला नगर स्थित सरस्वती कुंज में एक विशाल सांस्कृतिक समागम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर हजारों दीपों की लौ से पूरा परिसर भक्तिमय हो उठा और ‘हर घर भगवा, हर घर दीप’ का संकल्प लिया गया।
मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। जनसमूह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय नववर्ष केवल कैलेंडर का बदलना नहीं, बल्कि हमारी गौरवशाली ऋषि परंपरा और प्रकृति के जीवंत चक्र का उत्सव है।
उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया भारतीय मूल्यों की ओर देख रही है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत अपनी सांस्कृतिक जड़ों की ओर लौट रहा है। उन्होंने अपील की कि चैत्र नवरात्रि की प्रतिपदा पर हर सनातनी के घर पर भगवा ध्वज लहराना चाहिए और आंगन दीपों से जगमगाना चाहिए।
मुख्य वक्ता और भाजपा नेता डॉ. नीरज सिंह ने नववर्ष के वैज्ञानिक पक्ष पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारतीय कालगणना सृष्टि के आरंभ से जुड़ी है और पूरी तरह खगोलीय गणनाओं पर आधारित है। उन्होंने युवाओं से अपनी परंपराओं पर गर्व करने का आह्वान किया।
अखिल विश्व गायत्री परिवार और मुख्य संयोजक अभिषेक खरे के सहयोग से भव्य ‘मां गायत्री दीपयज्ञ’ का आयोजन हुआ। अध्यक्ष राजेंद्र अग्रवाल और संयोजक अभिषेक खरे ने बताया कि इस अभियान का लक्ष्य नई पीढ़ी में सनातन धर्म के प्रति गर्व का भाव जगाना और हर घर में दीपावली जैसा उत्साह पैदा करना है।
वरिष्ठ उपाध्यक्ष भारत भूषण गुप्ता ने भारतीय नववर्ष को राष्ट्र की अस्मिता और स्वाभिमान का प्रतीक बताया। कार्यक्रम में संघ के स्वागत रंजन, भाजपा महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी, विमर्श कुमार रस्तोगी, संजीव बालाजी, श्याम जी अग्रवाल और मंत्री उषा अग्रवाल सहित शहर की अनेक गणमान्य विभूतियां उपस्थित रहीं।
अंत में संयोजक अभिषेक खरे ने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया। संकल्प लिया गया कि चैत्र प्रतिपदा पर हर घर में दीप जलाकर और भगवा ध्वज फहराकर नव संवत्सर 2083 का स्वागत किया जाएगा।

