‘बोगनविलिया उत्सव’ में गूँजा राज्यपाल का संदेश ‘प्रकृति ही जीवन की सबसे उदार शिक्षक’

Anoop

March 16, 2026

राज्यपाल ने सीएसआईआर-एनबीआरआई में दो दिवसीय ‘बोगनविलिया उत्सव-2026’

विजेताओं को सम्मानित किया, प्रकृति व विज्ञान के अंतर्संबंधों पर प्रेरक विजन साझा किया

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने लखनऊ स्थित सी.एस.आई.आर.-एन.बी.आर.आई. में दो दिवसीय ‘बोगनविलिया उत्सव-2026’ का समापन किया। इस अवसर पर उन्होंने न केवल प्रदर्शनी का अवलोकन कर विजेताओं को सम्मानित किया, बल्कि प्रकृति और विज्ञान के अंतर्संबंधों पर एक प्रेरक विजन भी साझा किया।

समारोह की शुरुआत राज्यपाल द्वारा संस्थान के जीवंत संग्रह के अवलोकन से हुई। उन्होंने कैक्टाई गृह, बोन्साई गृह और जुरासिक गैलरी का भ्रमण किया, जहाँ उन्होंने 200 वर्ष पुराने वृक्ष से लेकर लुप्तप्राय प्रजातियों के संरक्षण की सराहना की। वैज्ञानिकों से चर्चा के दौरान उन्होंने पौधों की नई किस्मों के विकास और वैश्विक प्रजातियों के संरक्षण को देश की ‘हरित शक्ति’ बताया।

राज्यपाल ने बोगनविलिया को कठिन परिस्थितियों में भी मुस्कुराने का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि “नया भारत केवल सपने नहीं देखता, बल्कि उन्हें संकल्प और संकल्प को सिद्धि में बदलना जानता है। प्रकृति हमें सह-अस्तित्व और संतुलन सिखाती है।”

उन्होंने फ्लोरीकल्चर मिशन की सफलता पर हर्ष व्यक्त करते हुए बताया कि उत्तर प्रदेश के 24 जिलों के हजारों किसान पुष्पकृषि से जुड़कर आत्मनिर्भर बन रहे हैं। उन्होंने वैज्ञानिकों का आह्वान किया कि वे हाई-वैल्यू एग्रीकल्चर और केमिकल-फ्री खेती को जन-आंदोलन बनाएं।

सम्मान और पुरस्कारों की गूँज

उत्सव के दौरान 20 विभिन्न श्रेणियों में आयोजित प्रतियोगिता के विजेताओं को राज्यपाल ने पुरस्कृत किया। जिसमें प्रतिष्ठित ‘महानिदेशक ट्रॉफी’ संयुक्त रूप से डॉ. पूर्णिमा सिंह और उपाध्यक्ष, एलडीए को प्रदान की गई। लखनऊ विकास प्राधिकरण ने ‘निदेशक ट्रॉफी’ (संस्था वर्ग) पर कब्जा जमाया, जबकि डॉ. पूर्णिमा सिंह व्यक्तिगत वर्ग की विजेता रहीं। इसके अतिरिक्त लखनऊ विश्वविद्यालय, सावनी यादव और सौरभ नर्सरी सहित कई प्रकृति प्रेमियों को उनकी उत्कृष्ट प्रविष्टियों के लिए सम्मानित किया गया।

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