समाजवादी पार्टी अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने एलपीजी की किल्लत को लेकर उठाए सवाल
रसोई और औद्योगिक गैस की किल्लत को लेकर केंद्र व राज्य की भाजपा सरकारों पर तीखा प्रहार किया
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने रसोई गैस और औद्योगिक गैस की किल्लत को लेकर केंद्र व राज्य की भाजपा सरकारों पर तीखा प्रहार किया है। शुक्रवार को लखनऊ में मीडिया से रूबरू होते हुए उन्होंने सवाल उठाया कि यदि सरकार के दावे के अनुसार गैस की कोई कमी नहीं है, तो भाजपा के नेता और कार्यकर्ता जनता के बीच से गायब क्यों हैं?
अखिलेश यादव ने तंज कसते हुए कहा, “अगर भाजपा का यह दावा सच है कि गैस की किल्लत नहीं है, तो उनके मंत्री, सांसद, विधायक और लाखों कार्यकर्ता अचानक ‘अंडरग्राउंड’ क्यों हो गए हैं? खुद को दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बताने वालों को अपने ठिकानों से बाहर निकलना चाहिए।” उन्होंने आगे कहा कि भाजपा नेताओं को गैस एजेंसियों पर जाकर यह सुनिश्चित करना चाहिए कि आम जनता को सुचारू रूप से सिलेंडर मिल सकें।
झूठ और कालाबाजारी का आरोप
सपा प्रमुख ने भाजपा की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि संकट जितना गहराता है, भाजपा का झूठ उतना ही बड़ा होता जाता है। उन्होंने वर्तमान स्थिति की तुलना कोरोना काल से करते हुए कहा:
“चाहे महामारी के दौरान ऑक्सीजन की कमी हो या आज कुकिंग गैस और खाद (फर्टिलाइजर) का संकट—भाजपा हर आपदा में कालाबाजारी का अवसर तलाश लेती है। जनता सरकार की गलतियों का खामियाजा आखिर क्यों भुगते?”
‘कम्युनिटी किचन‘ शुरू करने की सलाह
अखिलेश यादव ने भाजपा और उनके वैचारिक संगठनों पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग ‘निस्वार्थ सेवा’ के सदियों पुराने दावे करते हैं, उन्हें इस संकट की घड़ी में भूख से परेशान लोगों के लिए मुफ्त कम्युनिटी किचन शुरू करने चाहिए। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में पूछा कि क्या अब सरकार यह चाहती है कि जनता गैस के लिए भाजपा नेताओं के घरों और दफ्तरों का घेराव करे?
अंत में उन्होंने तीखा कटाक्ष करते हुए कहा कि भाजपा के लोगों ने अपनी गाड़ियों से झंडे तक हटा लिए हैं ताकि उन्हें पहचाना न जा सके। अगर वे मदद नहीं कर सकते, तो उन्हें जनता की नजरों से दूर ही रहना चाहिए।

