भारत के पहले रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम को ‘दिल्ली-मेरठ नमो भारत’ के संपूर्ण कॉरिडोर को राष्ट्र को समर्पित किया
प्रधानमंत्री ने मेरठ मेट्रो और नमो भारत ट्रेन को हरी झंडी दिखाई, मेरठ साउथ से शताब्दी नगर तक यात्रा कर किया संवाद
मेरठ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने क्रांतिधरा मेरठ में भारत के पहले रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) ‘दिल्ली-मेरठ नमो भारत’ के संपूर्ण कॉरिडोर को राष्ट्र को समर्पित किया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की विशेष उपस्थिति रही। प्रधानमंत्री ने मेरठ मेट्रो और नमो भारत ट्रेन को हरी झंडी दिखाई तथा मेरठ साउथ से शताब्दी नगर तक स्वयं यात्रा कर स्कूली बच्चों व यात्रियों से संवाद किया।
समारोह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में यह पहली बार हो रहा है जब एक ही स्टेशन और एक ही ट्रैक पर ‘नमो भारत’ और मेट्रो रेल चलेगी। इससे मेरठ के कामकाजी लोगों और छात्रों को बड़ी सुविधा मिलेगी, जिससे वे अब एक ही प्लेटफॉर्म से शहर के भीतर और दिल्ली तक की यात्रा कर सकेंगे। ‘नमो भारत’ ट्रेन के संचालन और नियंत्रण में अधिकतर बेटियाँ ही कार्यरत हैं, जो महिला सशक्तिकरण का जीवंत उदाहरण है। प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार की कार्य संस्कृति ऐसी है कि जिसका शिलान्यास हम करते हैं, उसका लोकार्पण भी हम ही करते हैं।
2014 से पहले केवल 5 शहरों में मेट्रो थी, आज 25 शहरों में इसका विस्तार हो चुका है और भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा नेटवर्क बन गया है। बजट में लघु उद्योगों के लिए 10 हजार करोड़ रुपये के विशेष फंड की घोषणा की गई है, जिससे मेरठ के स्पोर्ट्स और अन्य उद्योगों को वैश्विक पहचान मिलेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री को ‘आधुनिक भारत का शिल्पी’ बताते हुए कहा कि होली से ठीक पहले मेरठवासियों को यह बहुत बड़ा उपहार मिला है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश की पहली स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी (मेरठ) का निर्माण अप्रैल तक पूर्ण हो जाएगा। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का काम भी लगभग पूरा हो चुका है। उन्होंने नोएडा मेट्रो के नए रूट की स्वीकृति के लिए भी प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री की प्रभावी मॉनीटरिंग से ही देश में 85 लाख करोड़ रुपये की इन्फ्रास्ट्रक्चर परियोजनाएं धरातल पर उतरी हैं।

