ख्याल-तराना में जयंतिका, ठुमरी-दादरा में प्रियाक्षी और ध्रुपद-धमार में वत्सला रहीं अव्वल
यूपीएसएनए की प्रादेशिक संगीत प्रतियोगिता में रस, राग और परंपरा का अद्भुत संगम
लखनऊ। उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी की प्रादेशिक संगीत प्रतियोगिता का दूसरा चरण इन दिनों अकादमी के संत गाडगे जी ऑडिटोरियम में संगीत समारोह के रंग में ढलता नजर आ रहा है। 8 से 11 दिसम्बर तक चल रही इस प्रतियोगिता के अंतर्गत मंगलवार को ख्याल, तराना, ध्रुपद, धमार, ठुमरी और दादरा विधाओं में किशोर वर्ग की प्रतियोगिताएं आयोजित हुईं, जिनमें प्रदेश भर से आए उभरते कलाकारों ने अपनी सुर-साधना का मनोहर प्रदर्शन किया।
किशोर वर्ग के ख्याल-तराना में वाराणसी की जयंतिका डे प्रथम, गोरखपुर के अनुशांत मिश्रा द्वितीय और गाजियाबाद की धरा खरे तृतीय स्थान पर रहीं। ठुमरी-दादरा वर्ग में कानपुर की प्रियाक्षी पाण्डेय ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि वाराणसी की जयंतिका डे द्वितीय और बरेली की अनुषा त्रिवेदी तृतीय रहीं। वहीं ध्रुपद-धमार वर्ग में अतर्रा की वत्सला बाजपेई ने प्रथम स्थान हासिल किया। बांदा की वैष्णवी तिवारी द्वितीय और वाराणसी की जाह्नवी मिश्र तृतीय रहीं।
सुरों से सजी शाम, श्रोताओं पर छाया रागों का प्रभाव
कार्यक्रम के दौरान मंच पर एक के बाद एक रागों की मोहक प्रस्तुतियां गूंजती रहीं। कुलय भारद्वाज (कानपुर) ने राग भैरव में “बिना हरि कौन” से समारोह की शानदार शुरुआत की। अनुषा त्रिवेदी (बरेली) ने राग दुर्गा में “जय जय जय दुर्गे माता भवानी”, जयंतिका डे ने राग बिलासखानी तोड़ी, अनुशांत मिश्रा ने राग भीम पलासी और रणविजय चक्रवर्ती (बस्ती) ने राग मालकौंस में अपनी प्रस्तुतियों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
ठुमरी-दादरा वर्ग में हंसिका कोप्पिसेट्टी (विंध्याचल) और जयंतिका डे (वाराणसी) की भावपूर्ण गायकी को विशेष सराहना मिली। ध्रुपद-धमार वर्ग में वत्सला बाजपेई ने राग बागेश्री में “पयो महाराज” और वैष्णवी तिवारी ने राग भीम पलासी में “तू करुणा निधान” प्रस्तुत कर समारोह को गरिमा प्रदान की।
ये रहे निर्णायक
यह प्रतियोगिता अकादमी के अध्यक्ष प्रो. जयंत खोत, उपाध्यक्ष विभा सिंह एवं निदेशक डॉ. शोभित कुमार नाहर के मार्गदर्शन में सम्पन्न हुई। निर्णायक मंडल में रोमिल जैन (खंडवा), नबनिता चौधरी (ग्रेटर नोएडा) तथा पंडित राधा गोविंद दास (दिल्ली) शामिल रहे। कार्यक्रम का संयोजन रेनू श्रीवास्तव एवं डॉ. पवन तिवारी तथा मंच संचालन राजेन्द्र विश्वकर्मा हरिहर ने किया।
संगीत साधना से बढ़ता दायरा
अकादमी के अनुसार वर्ष 2025-26 में यह प्रतियोगिता 18 सम्भागों के 23 केन्द्रों पर आयोजित की जा रही है, जिसमें लगभग 1100 प्रतिभागी भाग ले रहे हैं। इस वर्ष लखीमपुर और फर्रुखाबाद को नए केन्द्रों के रूप में जोड़ा गया है। प्रतियोगिता का अगला चरण बुधवार को युवा वर्ग के लिए आयोजित होगा।

