- राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन व रेशम विभाग के अभिसरण से 16 जिलों में व्यापक कार्यक्रम
- 49 विकास खंडों में 2500 से अधिक महिला समूह सदस्य रेशम उत्पादन से जुड़े
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सरकार लगातार प्रभावी प्रयास कर रही है। उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व और निर्देशन में राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों को आजीविका के नए अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। विभिन्न विभागों के अभिसरण से किए जा रहे इन प्रयासों से महिलाओं की आय के साथ-साथ उनके सामाजिक सम्मान में भी उल्लेखनीय वृद्धि हो रही है।
इसी क्रम में राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन और रेशम विभाग के बीच किए गए समझौता ज्ञापन के तहत प्रदेश के 16 जनपदों के 49 विकास खंडों में रेशम उत्पादन कार्यक्रम को क्रियान्वित किया जा रहा है। इस योजना के अंतर्गत अब तक लगभग 2500 स्वयं सहायता समूह की सदस्य महिलाओं को रेशम उत्पादन से जोड़ा जा चुका है।
इस अभिसरण के माध्यम से महिलाओं को रेशम उत्पादन, कोकून पालन और उससे जुड़ी आजीविका गतिविधियों में प्रशिक्षित किया जा रहा है, जिससे उन्हें नियमित रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। मिशन से प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस कार्यक्रम को प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए मिशन स्टाफ और रेशम सखियों का चरणबद्ध क्षेत्र भ्रमण और प्रशिक्षण भी कराया जा चुका है।
सरकारी प्रयासों का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन के साथ-साथ महिलाओं की आर्थिक स्थिति को मजबूत करना है, ताकि वे स्वावलंबी बन सकें और अपने परिवार की आय में स्थायी वृद्धि कर सकें।

