खिलाड़ियों की ड्यूटी, एक्सप्रेसवे, अस्पताल और दिव्यांग केंद्र को भी मंजूरी
बिल्डरों को राहत, अयोध्या में 52 एकड़ में बनेगा 750 करोड़ का संग्रहालय
लखनऊ । प्रदेश सरकार की कैबिनेट बैठक में मंगलवार को विकास और जनहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की। इंटीग्रेटेड टाउनशिप नीति में संशोधन, अयोध्या में 52 एकड़ में मंदिर संग्रहालय निर्माण, गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे के लिए अतिरिक्त धनराशि, खिलाड़ियों की सेवा नियमावली में बदलाव समेत अनेक प्रस्तावों पर मुहर लगी।
टाउनशिप नीति में संशोधन करते हुए अब न्यूनतम 12.5 एकड़ भूमि पर आवासीय टाउनशिप विकसित करने की अनुमति दे दी गई है। पहले यह सीमा 25 एकड़ थी। संशोधित व्यवस्था के तहत 25 एकड़ तक की परियोजना तीन वर्ष और इससे बड़ी परियोजना पांच वर्ष में पूरी करनी होगी। इस निर्णय से लंबे समय से अटकी आवासीय योजनाओं को गति मिलेगी और हजारों आवंटियों को राहत मिलेगी।
अयोध्या में प्रस्तावित विश्वस्तरीय मंदिर संग्रहालय के लिए 27.102 एकड़ अतिरिक्त भूमि नि:शुल्क प्रदान करने का फैसला लिया गया है। अब यह संग्रहालय कुल 52.102 एकड़ में विकसित होगा। टाटा संस के सहयोग से बनने वाली इस परियोजना की लागत 750 करोड़ रुपये से अधिक होने का अनुमान है। संग्रहालय से अयोध्या को नई सांस्कृतिक पहचान मिलेगी और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
कैबिनेट ने गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे के घाघरा पुल के क्षतिग्रस्त तटबंध की मरम्मत और सुरक्षा कार्य के लिए 246.37 करोड़ रुपये की मंजूरी दी। इससे परियोजना की कुल लागत 7529.66 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। खिलाड़ियों के हित में बड़ा निर्णय लेते हुए सरकार ने राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं और प्रशिक्षण शिविरों की पूरी अवधि को ड्यूटी में मानने का प्रावधान किया है। अब खिलाड़ियों को अनुमति प्रक्रिया में होने वाली दिक्कतों से राहत मिलेगी।
औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पसवारा पेपर्स लिमिटेड को 65.67 लाख रुपये की एसजीएसटी प्रतिपूर्ति तथा वृंदावन एग्रो इंडस्ट्रीज को 17.06 करोड़ रुपये भुगतान की स्वीकृति दी गई है। वाराणसी के डॉ. सम्पूर्णानंद स्पोर्ट्स स्टेडियम के संचालन और रखरखाव का जिम्मा अब भारतीय खेल प्राधिकरण के पास होगा। यहां राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किया जाएगा, जिससे प्रदेश के उभरते खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण मिलेगा।
कानपुर के सिविल लाइन क्षेत्र में जॉर्जिना मैकराबर्ट मेमोरियल हॉस्पिटल की 45,000 वर्ग मीटर भूमि पर पीपीपी मॉडल पर मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल बनाने का रास्ता भी साफ हो गया है। इसके साथ ही प्रदेश के सभी 18 मंडल मुख्यालयों पर जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र स्थापित किए जाएंगे। यहां दिव्यांगजनों को परामर्श, फिजियोथेरेपी, स्पीच थेरेपी जैसी सभी जरूरी सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जाएंगी।

