डिप्टी सीएम आवास के सामने एएनएम का उग्र प्रदर्शन और पुलिस से झड़प
तत्काल स्थायी करने, समान वेतन की मांग और 2027 चुनाव की चेतावनी
लखनऊ। अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर पिछले छह दिनों से आंदोलनरत संविदा व आउटसोर्सिंग महिला एएनएम (ANM) कार्यकर्ताओं का आक्रोश सोमवार को उग्र रूप में सामने आया। उग्र प्रदर्शन करते हुए आंदोलित एएनएम कर्मियों ने उप-मुख्यमंत्री बृजेश पाठक के राजभवन कॉलोनी स्थित आवास का घेराव किया और मार्ग पर ही धरने पर बैठ गईं।
आवास के बाहर अचानक शुरू हुए प्रदर्शन से हड़कंप मच गया। मौके पर पहुंची पुलिस व प्रशासनिक टीम की प्रदर्शनकारी महिलाओं से तीखी नोकझोंक हुई। इसके बाद पुलिस ने सड़क पर बैठी महिला कार्यकर्ताओं को बलपूर्वक हटाकर बसों के जरिए इको गार्डन भेज दिया।
मांगें अनदेखी करने का आरोप
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे बीते छह दिनों से लगातार शांतिपूर्ण आंदोलन और ज्ञापन के माध्यम से अपनी बात शासन-प्रशासन तक पहुंचा रही हैं, लेकिन अब तक कोई सुध नहीं ली गई है। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि डिप्टी सीएम को पूर्व में कई बार ज्ञापन सौंपने के बावजूद केवल खोखले आश्वासन ही मिले हैं, जिससे कर्मचारियों में भारी असंतोष व्याप्त है।
मुख्य मांगें एवं 2027 चुनाव की चेतावनी
आंदोलनकारी महिला एएनएम कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट किया है कि यदि उनकी निम्नलिखित प्रमुख मांगें जल्द पूरी नहीं की गईं, तो इसका खामियाजा सरकार को 2027 के आगामी विधानसभा चुनाव में भुगतना पड़ेगा:
- स्थायीकरण: समस्त संविदा एएनएम कार्यकर्ताओं को तत्काल प्रभाव से नियमित/स्थायी किया जाए।
- समान कार्य-समान वेतन: समान पद और कार्य के अनुरूप वेतनमान तय हो।
- गृह जनपद में तैनाती: महिला कर्मचारियों को उनके गृह जनपद में पदस्थापित किया जाए।
- सामाजिक सुरक्षा: स्वास्थ्य बीमा और नियमित ईपीएफ (EPF) अंशदान का लाभ मिले।
- विशाखा समिति का गठन: कार्यस्थल पर उत्पीड़न की शिकायतों के त्वरित समाधान हेतु विशाखा गाइडलाइंस के अनुसार समिति गठित की जाए।
कर्मचारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, आंदोलन जारी रहेगा।

