बुलंदशहर खुर्जा के सुल्तानपुर बुढ़ैना गांव निवासी 21 वर्षीय फौजी एवं राष्ट्रीय स्तर के कबड्डी खिलाड़ी
अमन सोलंकी की हरिद्वार से कांवड़ लाते समय बिजनौर में हुए दर्दनाक सड़क हादसे में मौत
खुर्जा/बुलंदशहर। उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले स्थित खुर्जा के सुल्तानपुर बुढ़ैना गांव निवासी 21 वर्षीय फौजी एवं राष्ट्रीय स्तर के कबड्डी खिलाड़ी अमन सोलंकी की हरिद्वार से कांवड़ लाते समय बिजनौर में हुए दर्दनाक सड़क हादसे में मौत हो गई। हादसे में उनका साथी गंभीर रूप से घायल हो गया। डेढ़ साल पहले ही स्पोर्ट्स कोटे से सेना में भर्ती हुए होनहार युवा की मौत की खबर मिलते ही गांव में मातम पसर गया है।
सुल्तानपुर बुढ़ैना गांव निवासी किसान प्रेमपाल सोलंकी के बड़े बेटे अमन सोलंकी कबड्डी के होनहार खिलाड़ी थे। तीन दिन पहले यानी 8 अगस्त को ही वह छुट्टी लेकर घर आए थे। रविवार रात गांव से करीब 35 युवाओं का समूह कार और बाइकों पर सवार होकर हरिद्वार डाक कांवड़ लेने रवाना हुआ था, जिसमें अमन भी शामिल हो गए। सोमवार सुबह हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौटते समय दोपहर करीब साढ़े तीन बजे बिजनौर के मोटा महादेव मंदिर के पास एक अज्ञात वाहन ने अमन की बाइक को पीछे से टक्कर मार दी। टक्कर के चलते बाइक चला रहे अमन का सिर आगे चल रहे ट्रक से टकरा गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए।
हादसे के बाद घायल अमन और उनके साथी हिरदेश को तत्काल मेरठ के आर्मी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने अमन को मृत घोषित कर दिया। मेरठ पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव सेना को सौंप दिया है।
नेशनल लीग में जीता था स्वर्ण, प्रो कबड्डी में भी दिखाया था दम
प्रो-कबड्डी खिलाड़ी अभिषेक ठाकुर ने बताया कि अमन सोलंकी ने प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर कई प्रतियोगिताएं जीती थीं। वर्ष 2024 में नेशनल लीग में यूपी का प्रतिनिधित्व करते हुए उन्होंने जूनियर वर्ग में स्वर्ण पदक हासिल किया था, जिसके बाद उनका चयन आर्मी टीम के लिए हुआ। स्पोर्ट्स कोटे से सेना में भर्ती होने के बाद भी उनका खेल जारी रहा और पिछले साल दिसंबर में आयोजित यूपी कबड्डी लीग में उन्होंने ‘यमुना योद्धा’ टीम की ओर से शानदार प्रदर्शन किया था।
टूट गए पिता के सपने
रोते-बिलखते पिता प्रेमपाल सिंह ने बताया कि जब डेढ़ साल पहले अमन का चयन सेना में हुआ था, तब पूरे गांव में जश्न मनाया गया था। अमन के छोटे भाई इंद्र अभी 10वीं कक्षा में पढ़ाई कर रहे हैं। जिस बेटे की सफलता पर पूरे परिवार और गांव को नाज था, उसकी अचानक हुई मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

