मुख्य द्वार पर डायवर्जन और निजी वाहनों के अवैध संचालन से रोडवेज कर्मियों में आक्रोश
प्रबंधन के साथ वार्ता विफल होने पर 16 अक्टूबर को बड़े पैमाने पर धरना-प्रदर्शन की चेतावनी
लखनऊ। राजधानी लखनऊ के कमता स्थित अवध बस स्टेशन पर उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (परिवहन निगम) के चालक-परिचालकों ने अवैध रूप से संचालित डग्गामार वाहनों के खिलाफ कड़ा विरोध प्रदर्शन किया है। इस प्रदर्शन के कारण बस स्टेशन पर बसों का संचालन पूरी तरह ठप हो गया है, जिससे आवागमन करने वाले यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
निजी वाहनों के अवैध संचालन और वेतन कटौती का विरोध प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों का आरोप है कि बस स्टेशन के मुख्य द्वार के सामने किए गए डायवर्जन की वजह से रोडवेज बसें यात्रियों तक नहीं पहुंच पा रही हैं। निर्धारित स्टॉपेज पर रोडवेज बसों के स्थान पर निजी बसें और टैक्सियां यात्रियों को बैठा रही हैं। कर्मचारियों का कहना है कि इस अवैध संचालन से निगम के साथ-साथ उनकी व्यक्तिगत आय पर भी बुरा असर पड़ रहा है। निर्धारित आय पूरी न होने पर उनके वेतन से कटौती की जाती है, जिसे रोकने और 50 प्रतिशत आय की बाध्यता को समाप्त करने की मांग को लेकर वे लगातार विरोध जता रहे हैं।

वार्ता विफल, 16 अक्टूबर को बड़े आंदोलन की चेतावनी स्थिति की जानकारी होने के बावजूद उच्च अधिकारियों के मौके पर न पहुंचने से कर्मचारियों में रोष व्याप्त है। प्रबंधन के साथ हुई द्विपक्षीय वार्ताओं के बेनतीजा रहने के बाद रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद उत्तर प्रदेश शाखा अवध डिपो ने अपना आंदोलन जारी रखने का निर्णय लिया है। परिषद के पदाधिकारियों ने बताया कि पूर्व में दिए गए नोटिस और वार्ताओं में कोई ठोस समाधान न निकलने के कारण आगामी 16 अक्टूबर 2026 को प्रातः 09:00 बजे से अपराह्न 03:00 बजे तक धरना-प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि इस दौरान किसी भी कर्मचारी के खिलाफ कोई दमनकारी कार्रवाई की गई, तो उसका पुरजोर विरोध किया जाएगा।

