बीमा कंपनियों के नामित अधिकारियों के लिए 40 घंटे का मध्यस्थता प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित

Anoop

October 13, 2026

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ द्वारा बीमा कंपनियों के नामित अधिकारियों के लिए 40 घंटे का एक विशेष मध्यस्थता प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। यह कार्यक्रम सर्वोच्च न्यायालय की मध्यस्थता एवं सुलह परियोजना समिति (MCPC) के सुव्यवस्थित पाठ्यक्रमों के तहत संचालित हो रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य बीमा विवादों का समयबद्ध और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है।

इस प्रशिक्षण का उद्देश्य बीमा कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों और नामित प्रतिनिधियों को मध्यस्थता की तकनीकों, संवाद कौशल और विवाद समाधान की रणनीतियों से परिचित कराना है। मध्यस्थता न केवल मुकदमों के बोझ को कम करती है, बल्कि यह आपसी संबंधों को सुधारने और दावेदारों को समय पर प्रतिकर (मुआवजा) दिलाने में भी मददगार साबित होती है।

लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण और न्यायालयों का बोझ कम करना

उत्तर प्रदेश के विभिन्न मोटर दुर्घटना दावा अधिकरणों (MACT) के समक्ष दो लाख से अधिक मामले लंबित हैं। ऐसे मामलों में बीमा कंपनियों की अहम भूमिका होती है। इस बड़ी संख्या को देखते हुए निर्णय लेने वाले वरिष्ठ अधिकारियों का आधुनिक मध्यस्थता तकनीकों से प्रशिक्षित होना आवश्यक माना गया है, ताकि मुकदमों की संख्या में कमी लाई जा सके।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई उच्चस्तरीय बैठक

इस पहल के तहत उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के माननीय कार्यपालक अध्यक्ष की अध्यक्षता में बीमा कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक बैठक भी आयोजित की गई थी। बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि बीमा कंपनियाँ अपनी वित्तीय और संस्थागत क्षमता का उपयोग करते हुए दावों के समाधान के प्रति संवेदनशील और निष्पक्ष दृष्टिकोण अपनाएं, ताकि विशेषकर नाबालिग दावेदारों को लंबी मुकदमेबाजी से न गुजरना पड़े।

यह प्रशिक्षण वैकल्पिक विवाद समाधान तंत्र को मजबूत करने और बीमा क्षेत्र में सौहार्दपूर्ण समझौतों की संस्कृति को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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