सीएम योगी ने गोरखपुर में बाढ़ और अतिवृष्टि से प्रभावित 9 लाख से अधिक किसानों के खातों में डीबीटी के जरिए 493 करोड़ रुपये की कृषि निवेश अनुदान राशि अंतरित की

Anoop

October 13, 2026

आपदा की इस घड़ी में सरकार हर प्रभावित परिवार के साथ: मुख्यमंत्री

मिशन शक्ति के अंतर्गत जागरूकता रैली-2026 को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनपद गोरखपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान बाढ़, अतिवृष्टि, ओलावृष्टि और चक्रवात से प्रभावित प्रदेश के 9 लाख 18 हजार से अधिक कृषकों के बैंक खातों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से 493 करोड़ रुपये की कृषि निवेश अनुदान राशि सीधे अंतरित की। इस अवसर पर उन्होंने मिशन शक्ति के अंतर्गत जागरूकता रैली-2026 को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और विभिन्न विभागों द्वारा आयोजित प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार आपदा की इस चुनौतीभरी घड़ी में प्रत्येक प्रभावित किसान और परिवार के साथ पूरी संवेदनशीलता के साथ खड़ी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस वर्ष बरसात के दौरान अब तक प्रदेश में आपदा प्रभावित किसानों और नागरिकों को लगभग 1,000 करोड़ रुपये की सहायता उपलब्ध कराई जा चुकी है।

राहत कार्यों और सरकारी योजनाओं के प्रमुख बिंदु:

  • फसल क्षति व अन्य अनुदान: इससे पहले सरकार बाढ़, चक्रवात और ओलावृष्टि से फसलों को हुए नुकसान की भरपाई के लिए 169 करोड़ रुपये जारी कर चुकी है। इसके अतिरिक्त, 1,29,326 किसानों को फसल क्षति के लिए 78.75 करोड़ रुपये की सहायता दी गई है। वहीं, जनहानि, पशुधन और मकानों की क्षति के मामलों में 225 करोड़ 93 लाख रुपये की सहायता पहले ही वितरित की जा चुकी है।
  • आवास और त्वरित सहायता: अतिवृष्टि, चक्रवात और बाढ़ के कारण जिनके मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं, उन्हें मुख्यमंत्री आवास योजना के अंतर्गत अलग से 1.20 लाख रुपये की सहायता उपलब्ध कराई गई है। आपदा में जनहानि होने पर प्रभावित परिवार को 24 घंटे के भीतर 04 लाख रुपये की सहायता देने के निर्देश दिए गए हैं।
  • डिजिटल सर्वे और बुनियादी ढांचे की मरम्मत: डिजिटल क्रॉप सर्वे के आधार पर जिन जनपदों की सर्वे रिपोर्ट प्राप्त हुई है, वहाँ प्रभावित किसानों को तत्काल क्षतिपूर्ति दी जा रही है। आपदा के कारण सड़कों या अन्य सार्वजनिक परिसंपत्तियों को हुए नुकसान की मरम्मत के लिए धनराशि की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी।
  • तकनीक का उपयोग: प्रदेश के कई जनपदों में अर्ली वॉर्निंग System स्थापित किए गए हैं, जो संभावित आकाशीय बिजली गिरने की जानकारी एसएमएस या फोन के जरिए पहले ही उपलब्ध कराते हैं। इसके बावजूद दुर्भाग्यवश मृत्यु होने पर मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के अंतर्गत 5 लाख रुपये की सहायता दी जाती है।

कृषि और किसानों के विकास के लिए सरकार की प्रतिबद्धता

पूर्ववर्ती सरकारों की कार्यशैली पर कटाक्ष करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले भेजी जाने वाली राशि का एक बड़ा हिस्सा रास्ते में ही गायब हो जाता था, लेकिन आज डीबीटी के माध्यम से पूरा पैसा सीधे बिचौलियों के बिना सीधे किसानों के खातों में पहुंच रहा है। सरकार ने अपने कार्यकाल में 86 लाख किसानों का 36,000 करोड़ रुपये का कर्ज माफ किया है और 16 लाख निजी ट्यूबवेलों को मुफ्त बिजली तथा 22 लाख हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई है।

कार्यक्रम में कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने सरकार की कृषि नीतियों और रिकॉर्ड खाद्यान्न उत्पादन का जिक्र किया। इस अवसर पर स्थानीय सांसद रवि किशन शुक्ल, विधान परिषद सदस्य, विधायकगण और अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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