प्रमुख देवी मंदिरों में अतिरिक्त कर्मियों की तैनाती, सीसीटीवी और ड्रोन से निगरानी तथा शोभा यात्रा मार्गों पर मांस-मदिरा की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध
निर्विवाद राजस्व मामलों का 15 दिनों में निस्तारण, थानों में ‘मिशन शक्ति’ केंद्रों का प्रभावी संचालन और किसानों के लिए उर्वरक की पर्याप्त उपलब्धता
लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उच्चस्तरीय बैठक कर प्रदेश की कानून-व्यवस्था, आगामी पर्व-त्योहारों की तैयारियों और जनहित से जुड़े विषयों की गहन समीक्षा की। उन्होंने शासन-प्रशासन के अधिकारियों को निर्देश दिए कि आमजन की समस्याओं के प्रति पूरी तरह संवेदनशील रहें और समयबद्ध समाधान को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि शारदीय नवरात्रि से लेकर छठ महापर्व तक वरिष्ठ अधिकारी स्वयं क्षेत्र में जाकर जनता से सीधा संवाद करें और सुरक्षा, स्वच्छता तथा सुगम आवागमन की चाक-चौबंद व्यवस्था सुनिश्चित करें।
त्योहारों पर कड़ी सुरक्षा और विशेष प्रबंध के निर्देश मुख्यमंत्री ने आगामी 11 अक्टूबर से शुरू हो रही शारदीय नवरात्रि, दुर्गा अष्टमी, महानवमी और विजयादशमी के मद्देनजर विंध्याचल धाम, देवीपाटन शक्तिपीठ, माँ शाकुम्भरी देवी और नैमिषारण्य सहित सभी प्रमुख देवी मंदिरों में अतिरिक्त कार्मिक तैनात करने के निर्देश दिए हैं। इन स्थलों पर निर्बाध विद्युत आपूर्ति, सीसीटीवी कैमरों व ड्रोन से निगरानी और मजबूत बैरिकेडिंग की व्यवस्था करने को कहा गया है। इसके अलावा, शोभा यात्रा और विसर्जन मार्गों पर मांस-मदिरा की दुकानें पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगी, जबकि चिकित्सा शिविर, एम्बुलेंस, अग्निशमन वाहन, खोया-पाया केंद्र और पब्लिक एड्रेस सिस्टम की पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
राजस्व मामलों, महिला सुरक्षा और उर्वरक उपलब्धता पर जोर प्रशासनिक कसावट लाते हुए सीएम ने निर्देश दिए कि निर्विवाद राजस्व मामलों का निस्तारण अधिकतम 15 दिनों में किया जाए और तहसीलों में लंबित प्रकरणों की सूची सार्वजनिक हो। महिलाओं की सुरक्षा को सर्वोपरि बताते हुए थानों में ‘मिशन शक्ति केंद्रों’ को प्रभावी ढंग से संचालित करने तथा एंटी रोमियो स्क्वॉड की गश्त तेज करने को कहा गया है। किसानों के हित में सहकारी समितियों पर उर्वरक की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने और कालाबाजारी पर सख्त रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, अतिवृष्टि से प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने और क्षतिग्रस्त आवासों के एवज में मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ शीघ्र देने के आदेश दिए गए हैं।

