पहाड़ों और मैदानी इलाकों में बारिश के कारण प्रयागराज में गंगा और यमुना का जलस्तर तेजी से बढ़कर चेतावनी बिंदु के करीब पहुंच गया है, जिससे प्रशासन ने अलर्ट जारी कर बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर दिया है
फिलहाल दोनों नदियां खतरे के निशान से नीचे हैं, लेकिन लगातार पानी बढ़ने की आशंका से तटीय इलाकों के लोग सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन करने लगे हैं
प्रयागराज: पहाड़ी और मैदानी इलाकों में हो रही लगातार भारी बारिश के चलते प्रयागराज में गंगा और यमुना नदियां उफान पर हैं। दोनों नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ते हुए चेतावनी बिंदु के करीब पहुंच गया है, जिससे निचले और तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों के बीच चिंता का माहौल है। स्थिति को देखते हुए कई परिवारों ने सुरक्षित स्थानों पर पलायन करना शुरू कर दिया है। एहतियात के तौर पर स्थानीय प्रशासन ने पूरे क्षेत्र में अलर्ट जारी कर दिया है और सभी बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर स्थिति पर निगरानी बढ़ा दी है।
केंद्रीय जल आयोग द्वारा शनिवार दोपहर जारी आंकड़ों के अनुसार, फाफामऊ में गंगा का जलस्तर 80.75 मीटर और इलाहाबाद लेवल स्टेशन पर 80.34 मीटर दर्ज किया गया। वहीं, नैनी में यमुना नदी का जलस्तर 80.88 मीटर पहुंच चुका है। यद्यपि दोनों नदियां फिलहाल 84.734 मीटर (गंगा) और 84.74 मीटर (यमुना) के खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं, लेकिन जलस्तर में जिस रफ्तार से बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है, उससे आने वाले घंटों में तटवर्ती इलाकों में जलभराव की समस्या और गंभीर हो सकती है।
तटीय और संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस, आपदा प्रबंधन और राजस्व विभाग की टीमों को सतर्क कर दिया गया है। बाढ़ प्रभावित होने वाले संभावित इलाकों में लगातार गश्त की जा रही है। प्रशासन ने स्थानीय निवासियों से सतर्क रहने और नदियों के किनारे या निचले स्थानों पर न जाने की अपील की है। यदि नदियों का जलस्तर इसी गति से बढ़ता रहा, तो निचले मोहल्लों में स्थिति अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकती है।

