अखिलेश यादव ने स्वतंत्रता दिवस पर भाजपा सरकार को किसान, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचे और कानून-व्यवस्था के मुद्दों पर घेरा
उन्होंने तिरंगा यात्रा पर तंज कसते हुए संविधान की रक्षा करने और सत्ता में वापसी पर समाजवादी पेंशन योजना बहाल करने का दावा किया
लखनऊ। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी और प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला। महान क्रांतिकारियों और शहीदों को नमन करते हुए उन्होंने कहा कि देश की आजादी उनके अनगिनत बलिदानों का परिणाम है, और लोकतंत्र को अक्षुण्ण रखने के लिए संविधान की मजबूती बेहद जरूरी है। अखिलेश यादव ने तिरंगा यात्रा को लेकर तंज कसते हुए कहा कि जिन लोगों ने अतीत में कभी तिरंगे का सम्मान नहीं किया, वे आज राजनीति के लिए तिरंगा यात्रा निकाल रहे हैं। उन्होंने भाजपा और स्वतंत्रता को एक-दूसरे का विलोम करार दिया।
प्रदेश के वर्तमान हालात पर चिंता जताते हुए अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि आजादी के इतने वर्षों बाद भी किसान सबसे अधिक पीड़ित हैं, शिक्षा व्यवस्था संकट में है और स्वास्थ्य विभाग स्वयं बदहाली के दौर से गुजर रहा है। उन्होंने कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे की ढांचागत गुणवत्ता और लाल किले से दिए जाने वाले बयानों पर सवाल खड़े किए। इसके साथ ही, उन्होंने 2027 में महिला आरक्षण विधेयक को पूरी तरह लागू करने की मांग उठाई और सपा सरकार बनने पर समाजवादी पेंशन योजना पुनः शुरू करने का वादा किया। प्रदेश की कानून-व्यवस्था का जिक्र करते हुए उन्होंने गोरखपुर, बदायूं और प्रतापगढ़ की आपराधिक घटनाओं का हवाला दिया और आरोप लगाया कि थाना-कचहरी भ्रष्टाचार के अड्डे बन चुके हैं तथा वंचित (पीडीए) समाज का लगातार शोषण हो रहा है।

