13 साल की मासूम का अपहरण करने वाले 16 वर्षीय नाबालिग को पॉक्सो कोर्ट ने 25 साल की सजा सुनाई
दोषी 21 साल की उम्र तक गाजीपुर सुधार गृह में रहेगा, जिसके बाद बची हुई सजा काटने मऊ जेल भेजा जाएगा
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में पॉक्सो कानून के तहत गठित एक विशेष अदालत ने संगीन अपराध के एक मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए 16 वर्षीय किशोर को 25 साल की कठोर कैद और 30 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। अपर सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो प्रथम) कांत की अदालत ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि जघन्य अपराधों को अंजाम देने के बाद केवल नाबालिग होने की दलील देकर कानून से नहीं बचा जा सकता। यह मामला 15 जुलाई 2023 का है, जब पखरी थाना क्षेत्र के एक गांव से 13 वर्षीय मासूम बच्ची का देवरिया निवासी 16 वर्षीय किशोर द्वारा बहला-फुसलाकर अपहरण कर लिया गया था।
अदालत ने सजा की क्रियान्वयन प्रक्रिया को बेहद व्यवस्थित तरीके से तय किया है। आदेश के अनुसार, दोषी किशोर को 21 वर्ष की आयु पूरी होने तक गाजीपुर स्थित विशेष बाल सुधार गृह में रखा जाएगा, जहाँ प्रशासन उसकी पढ़ाई, मानसिक एवं शारीरिक विकास की जिम्मेदारी संभालेगा। 21 वर्ष की आयु पार करते ही उसके लिए सभी कानूनी रियायतें समाप्त हो जाएंगी और उसे अपनी बची हुई बाकी की लंबी सजा काटने के लिए मऊ जिला जेल में स्थानांतरित कर दिया जाएगा।

