ढाका में हुई आईएचएफ ट्रॉफी पुरुष यूथ व जूनियर हैंडबॉल चैंपियनशिप 2026 (जोन टू – दक्षिण व मध्य एशिया) में भारतीय टीमों ने ऐतिहासिक प्रदर्शन किया
लखनऊ। बांग्लादेश के ढाका में आयोजित आईएचएफ ट्रॉफी पुरुष यूथ व जूनियर हैंडबॉल चैंपियनशिप 2026 (जोन टू – दक्षिण व मध्य एशिया) में भारतीय टीमों ने ऐतिहासिक प्रदर्शन किया है। भारत ने शानदार खेल का परिचय देते हुए यूथ और जूनियर दोनों ही श्रेणियों में स्वर्ण पदक अपने नाम कर वैश्विक पटल पर तिरंगा लहराया है। भारतीय टीम की इस स्वर्णिम सफलता पर हैंडबॉल एसोसिएशन इंडिया के कार्यकारी निदेशक डॉ. आनन्देश्वर पाण्डेय और महासचिव डॉ. तेजराज सिंह ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए खिलाड़ियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि टीम ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर देश का गौरव बढ़ाया है।
यूथ वर्ग (अंडर-18): अजेय रहकर भारत ने जीता सोना
9 से 14 जून तक राउंड रॉबिन लीग के आधार पर खेले गए इस टूर्नामेंट में भारतीय यूथ टीम पूरी तरह अजेय रही।
- आखिरी मैच का परिणाम: रविवार को खेले गए अंतिम मुकाबले में भारत ने मालदीव को 49-22 के भारी अंतर से शिकस्त दी। मध्यांतर तक भारतीय टीम 25-8 से आगे चल रही थी।
- स्टार परफॉर्मर: मैच में सर्वाधिक 10 गोल करने वाले रवि कुमार को ‘सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी’ (मैन ऑफ द मैच) चुना गया। उनके अलावा प्रिंस साहू ने 8, रोहित सक्सेना ने 7 और पवन कुमार व ललित ने 6-6 गोल दागे।
- पोडियम स्थान: इस वर्ग में लगातार जीत के साथ भारत शीर्ष पर रहा, जबकि मालदीव को रजत और अफगानिस्तान को कांस्य पदक मिला। इससे पहले भारत ने नेपाल, अफगानिस्तान और बांग्लादेश को भी धूल चटाई थी।
जूनियर वर्ग (अंडर-20): फाइनल में बांग्लादेश को चटाई धूल
लीग-कम-नॉकाउट आधार पर आयोजित जूनियर वर्ग के फाइनल मुकाबले में भारत का सामना मेजबान बांग्लादेश से हुआ।
- फाइनल मैच का परिणाम: भारतीय जूनियर टीम ने खिताबी मुकाबले में बांग्लादेश को 48-27 से हराकर स्वर्ण पदक पर कब्जा किया। मध्यांतर के समय भारत 26-13 से आगे था।
- स्टार परफॉर्मर: भारत के मोहम्मद तौसीफ रसूल ने शानदार 9 गोल दागे और उन्हें मैच का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया। वहीं, सुशील ने सर्वाधिक 11 गोल, राहुल गुर्जर ने 9, नितिन ने 7 और विपुल ने 6 गोल कर टीम को चैंपियन बनाया।
- पोडियम स्थान: इस वर्ग में भारत को स्वर्ण, बांग्लादेश को रजत और यमन को कांस्य पदक हासिल हुआ। भारत ने सेमीफाइनल में मालदीव को 58-23 से हराकर फाइनल का टिकट कटाया था।

विजेता टीमों के साथ रहा इनका कुशल मार्गदर्शन
इस अंतरराष्ट्रीय दौरे पर खिलाड़ियों के बेहतरीन प्रदर्शन के पीछे तकनीकी और प्रशासनिक दल का बड़ा योगदान रहा। भारतीय दल के साथ कंटिजेंट लीडर अतनु मजूमदार, यूथ टीम के हेड ऑफ डेलीगेट अमित पाण्डेय, यूथ टीम के कोच फिरोज अहमद खान, जूनियर टीम के मुख्य कोच अनूप कासवान, सहायक कोच सुधाकर और हेड ऑफ डेलीगेट के रूप में कुलदीप राणा उपस्थित रहे।

