‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन वेटलैंड’ की ओर बढ़ते कदम, प्राकृतिक विरासत का संरक्षण का संकल्प
झांसी और ललितपुर के लिए 24 करोड़ रुपये से अधिक की पर्यटन विकास परियोजनाओं का लोकार्पण किया
ललितपुर। विश्व आर्द्रभूमि दिवस के अवसर पर देवगढ़ स्थित महावीर स्वामी वन्यजीव अभयारण्य में ‘सेलिब्रेटिंग कल्चरल हेरिटेज’ की थीम पर ‘नेचर एण्ड बर्ड फेस्टिवल-2026’ का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री अरुण कुमार सक्सेना और राज्यमंत्री मनोहर लाल पंथ के साथ दीप प्रज्वलित कर उत्सव का शुभारंभ किया।
इस अवसर पर पर्यटन मंत्री ने झांसी और ललितपुर क्षेत्र के लिए 24 करोड़ रुपये से अधिक की पर्यटन विकास परियोजनाओं का लोकार्पण किया। उन्होंने आयोजन स्थल पर बर्ड विलेज, फोटो गैलरी और चित्र प्रदर्शनी का अवलोकन कर स्थानीय जैव-विविधता की सराहना की।
जनसभा को संबोधित करते हुए मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार अब ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन वेटलैंड’ की दिशा में कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के 52 वेटलैंड्स को सूचीबद्ध किया गया है, जहाँ पर्यटन सुविधाओं का विकास किया जाएगा।
11 रामसर साइट्स और 4 टाइगर रिजर्व के आसपास ईको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए वन और पर्यटन विभाग संयुक्त रूप से कार्य कर रहे हैं। बुंदेलखंड को वैश्विक ईको-टूरिज्म मानचित्र पर स्थापित करना सरकार की प्राथमिकता है।
वन मंत्री अरुण कुमार सक्सेना ने अपने संबोधन में कहा कि यह महोत्सव युवाओं को प्रकृति के प्रति जागरूक करने का एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने जोर दिया कि विकास तभी सार्थक है जब वह प्रकृति के संतुलन के साथ हो।
‘सारस गणना 2025’ कॉफी टेबल बुक और डॉक्यूमेंट्री का विमोचन किया गया। फोटोग्राफी, स्लोगन और चित्रकला प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित किया गया। राजकीय बालिका इंटर कॉलेज की छात्राओं ने स्वागत गीत और सरस्वती वंदना प्रस्तुत की।
कार्यक्रम में सदर विधायक रामरतन कुशवाहा, भाजपा जिलाध्यक्ष हरीशचन्द्र रावत, प्रमुख सचिव अनिल कुमार सहित भारी संख्या में प्रकृति प्रेमी और अधिकारी उपस्थित रहे। देवगढ़ के ऐतिहासिक दशावतार मंदिर और बेतवा तट की प्राकृतिक सुंदरता को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का संकल्प लिया गया।

