- सपा प्रमुख के आरोपों पर जलशक्ति मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह का पलटवार
- कहा—2027 की हार के डर से झूठ फैला रहे अखिलेश
लखनऊ। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा भाजपा और चुनाव आयोग की मिलीभगत से एसआईआर कराए जाने के लगाए गए आरोपों पर उत्तर प्रदेश के जलशक्ति मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव घुसपैठियों और फर्जी वोटरों को बचाने के लिए अनाप-शनाप बयानबाजी कर रहे हैं और बीएलओ की मौत पर भी राजनीति कर रहे हैं। किसी की मौत पर सियासत करना अखिलेश का पुराना शौक है।
मंत्री ने कहा कि एसआईआर की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है और मृतकों तथा दोहराए गए नाम हटाकर मतदाता सूची को शुद्ध किया जा रहा है। बिहार ने भी इसकी पुष्टि कर दी है कि यह प्रक्रिया जनता के हित में है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के 1.62 लाख बूथों पर बीएलओ घर-घर जाकर फॉर्म भरवा रहे हैं। यह जोड़ने का काम है, हटाने का नहीं।
स्वतंत्रदेव सिंह ने कहा कि 8.66 करोड़ यानी 56 प्रतिशत प्रपत्र डिजिटाइज हो चुके हैं। सिर्फ पिछले 24 घंटों में 1.14 करोड़ प्रपत्र डिजिटाइज हुए हैं। जनता इसमें सहयोग कर रही है, इसके बावजूद सपा अध्यक्ष भय और भ्रम फैलाने में जुटे हुए हैं।
उन्होंने दावा किया कि अखिलेश को यह डर सता रहा है कि फर्जी वोटिंग पर रोक लगते ही उनका वोटबैंक उजागर हो जाएगा। इसलिए वे लोकतंत्र खतरे में होने जैसी बातें फैलाकर अपने गिरते जनाधार को बचाने की कोशिश कर रहे हैं।
जलशक्ति मंत्री ने कहा कि अखिलेश जहां भी कोई घटना देखते हैं, वहीं ओछी राजनीति शुरू कर देते हैं। उनकी राजनीति अब गिद्धों जैसी हो गई है और वे जनता को गुमराह कर राजनीतिक लाभ लेने की फिराक में हैं। सपा अध्यक्ष को लोकतंत्र की नहीं बल्कि 2027 के चुनाव में हार की चिंता सताए जा रही है।

