लखनऊ में सिल्क एक्सपो-2026 का आयोजन: शुद्ध रेशम की पहचान और बुनकरों को मिला बड़ा मंच

Prashant

February 5, 2026

गोमती नगर इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के एल-सेप लॉन में ‘सिल्क एक्सपो-2026’ का भव्य आयोजन

शुभारंभ प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा रेशम उद्योग मंत्री राकेश सचान ने किया

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार प्रदेश के पारंपरिक उद्योगों को आधुनिक तकनीक और पारदर्शी व्यवस्था से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में नए आयाम स्थापित कर रही है। इसी कड़ी में लखनऊ के गोमती नगर स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के एल-सेप लॉन में ‘सिल्क एक्सपो-2026’ का भव्य आयोजन किया जा रहा है, जो 06 फरवरी तक आम जनमानस के लिए खुला रहेगा। इस प्रदर्शनी का औपचारिक शुभारंभ प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा रेशम उद्योग मंत्री राकेश सचान द्वारा किया गया।

इस एक्सपो का मुख्य उद्देश्य उपभोक्ताओं को मिलावट मुक्त और शुद्ध सिल्क उपलब्ध कराना है। कार्यक्रम के दौरान मंत्री राकेश सचान ने कहा कि अक्सर बाजार में शुद्ध सिल्क के नाम पर सिंथेटिक धागों की मिलावट वाले उत्पाद महंगे दामों पर बेचे जाते हैं। इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए एक्सपो परिसर में ही एक ‘सिल्क टेस्टिंग लैब’ स्थापित की गई है, जहाँ आम नागरिक मौके पर ही सिल्क की शुद्धता की जाँच कर सकते हैं। यह पहल न केवल ग्राहकों का भरोसा बढ़ा रही है, बल्कि असली बुनकरों के हितों की रक्षा भी कर रही है।

सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में रेशम उत्पादन में ऐतिहासिक वृद्धि दर्ज की गई है। रेशम विभाग की स्थापना के समय जो उत्पादन मात्र 27 मीट्रिक टन था, वह आज बढ़कर 450 से 500 मीट्रिक टन के करीब पहुँच गया है। सरकार का लक्ष्य किसानों और बुनकरों को सशक्त कर प्रदेश को रेशम उत्पादन में पूरी तरह आत्मनिर्भर बनाना है।

इस एक्सपो में देशभर की सांस्कृतिक विविधता की झलक देखने को मिल रही है। यहाँ कुल 55 स्टाल लगाए गए हैं, जिनमें उत्तर प्रदेश की प्रसिद्ध बनारसी साड़ियों के साथ-साथ मध्य प्रदेश की चंदेरी, तमिलनाडु की कांजीवरम, कर्नाटक की मैसूर सिल्क, महाराष्ट्र की पैठणी और आंध्र प्रदेश की उप्पाड़ा जामदानी जैसे उत्कृष्ट रेशमी उत्पादों का प्रदर्शन और विक्रय किया जा रहा है। आयोजन के दौरान ‘पं० दीन दयाल उपाध्याय रेशम रत्न सम्मान समारोह’ में रेशम उद्योग से जुड़े किसानों और उद्यमियों को सम्मानित किया गया तथा विभागीय उपलब्धियों पर आधारित पत्रिका ‘रेशम मित्र-2025’ का विमोचन भी हुआ। 06 फरवरी तक चलने वाला यह एक्सपो रेशम उद्योग को नई पहचान देने के साथ-साथ शुद्धता के प्रति जागरूकता फैलाने का एक सशक्त माध्यम बन गया है।

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